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ट्रेडिंग में नुकसान, हाउसिंग लोन, कार लोन की किस्ते, आत्महत्या

संवाददाता।
कानपुर। नगर में ट्रेडिंग और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले एक युवक ने पिस्टल से खुद को गोली मार ली। सुबह कमरे में युवक का खून से लथपथ शव पड़ा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मौके से शराब की एक बोतल भी मिली है। मामला रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवनगर का है। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया, मृतक अंकित अग्रवाल (35 वर्ष) के घरवालों ने आत्महत्या की सूचना दी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना के वक्त अंकित की पत्नी महक गुप्ता उरई अपने मायके गई हुई थी। घर में पति और दो बच्चे थे। पत्नी ब्यूटी पार्लर में काम करती है। पत्नी ने बताया कि उसका परिवार रावतपुर में किराए के मकान में रहता था। पति अंकित अग्रवाल ट्रेडिंग और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। बगल के कमरे में 10 साल की बेटी और 3 साल का बेटा सो रहे थे। सुबह बच्चे उठे, तो दूसरे कमरे में मौजूद पापा को जगाने पहुंचे। लेकिन कमरा अंदर से बंद था। इसके बाद बच्चों ने यह बात पड़ोसियों को बताई। फिर मकान मालिक ने पत्नी महक को सूचना दी। महक के पहुंचने पर कमरे का गेट तोड़ा गया। तो वहां अंकित अग्रवाल लहूलुहान हालत में बेड पर पड़ा था।मृतक अंकित अग्रवाल की पत्नी महक ने बताया, ”श्याम नगर में हमारा खुद का मकान था। इस घर को बेचकर दूसरा फ्लैट कल्याणपुर में लिया था। जिसमें इसी महीने शिफ्ट होना था। लेकिन पति को पहले शेयर ट्रेडिंग में नुकसान हुआ और इसके बाद प्रॉपर्टी को लेकर भी कई विवाद खड़े हो गए। इसके चलते बीते 5 साल से वह बेहद परेशान चल रहे थे। इसके चलते मैं ब्यूटी पार्लर में काम करके घर का खर्च चला रही थी। अंकित डिप्रेशन में थे। इसीलिए मैं उनको कभी अकेला नहीं छोड़ती थी। इसीलिए जब मायके गई, तो बच्चों को घर पर छोड़कर गई थी। लेकिन ऐसा हो जाएगा, सोचा नहीं था।” महक ने बताया, ”पति अंकित के बीमारी के कारण दोनों पैर खराब हो गए थे। मेरी सास की भी 3 महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। जबकि ससुर की पहले ही मौत हो चुकी थी। अब अपने परिवार में अंकित अकेला ही बचा था। जिसकी वजह से आर्थिक तंगी थी। इसी कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली। मकान मालिक डॉ. पीएन निगम और पड़ोसियों ने बताया कि अंकित अग्रवाल सीमित व्यवहार का व्यक्ति था। पत्नी के दुकान जाने के बाद वह और बच्चे घर पर रहते थे। दिनभर अपने कमरे में रहता था। घर में काम करने वाली, दूध देने वाले के आने पर ही दरवाजा खोलता था। उसका बाहर निकलना कभी-कभार ही होता था। पैरों में दिक्कत होने के चलते वह कार में बैठकर ही कहीं जाता था। आस-पास के लोगों को गोली की आवाज सुनाई नहीं दी। पड़ोसियों को पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात पता चली, तो लोग यकीन नहीं कर पा रहे थे। वहीं, पिस्टल कहां से आई, पुलिस इसकी जांच कर रही है। अंकित ने बाएं सीने पर सटा कर गोली मारी है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि सामने नहीं आई है। बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेजी गई है। महक ने बताया, ”डिप्रेशन में चल रहे अंकित अक्सर नशे की हालत में बच्चों के सामने पिस्तौल निकाल लेते थे। इसके बाद वह जान देने की बात करते थे। मैं उसे बहुत समझाती थी। पिस्टल लाइसेंसी नहीं है। मैंने कई बार पिस्टल रखने का विरोध किया, लेकिन अंकित नहीं माना। इसके अलावा हाउसिंग लोन, कार लोन और दूसरी छोटी-छोटी कुल 50-60 हजार रुपए की ईएमआई चल रही थीं। तीन महीने से अंकित किश्तें नहीं भर पा रहा था। इस महीने उसे जरूर भरना था। जिसके चलते वह और परेशान हो गया था।” महक की मां रीता गुप्ता ने बताया, ”मैंने बेटी महक की शादी बड़ौदा में रहने वाले प्रमोद कुमार से की थी। जिससे महक के एक बेटी और एक बेटा सार्थक हुआ था। मगर, पति से अनबन होने पर महक बेटे सार्थक को लेकर कानपुर आ गई। इसके बाद उसने अंकित से लव मैरिज कर ली। तभी से दोनों साथ रह रहे थे।”

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