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रेलवे के असिस्टेंट लोको पायलट को कुचला ट्रक ने सैकड़ों कर्मचारियों का प्रदर्शन।

संवाददाता।
कानपुर। तेज रफ्तार ट्रक ने कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर रेलवे के असिस्टेंट लोको पायलट को कुचल दिया। मौके पर ही लोको पायलट की तड़प-तड़प की मौत हो गई। वह नाइट शिफ्ट करने के बाद 6 बजे बाइक से घर लौट रहा था। तभी ट्रक ने टक्कर मारी और फिर भागने के चक्कर में कुचलते हुए भाग गया। साथी की मौत से आक्रोशित रेलवे कर्मचारियों ने कांशीराम अस्पताल और 45 मिनट तक कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शताब्दी ट्रेन को रोककर हंगामा किया। रेलवे कर्मचारी और परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पुलिस देरी से पहुंची। लखनऊ में रहने वाले दिव्यांशु दुबे (27 वर्ष) रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट थे। उनकी तैनाती सरसौल में बने न्यू कानपुर डिएफसीसी स्टेशन में थी। कर्मचारी दिनेश, राहुल समेत अन्य रेलवे कर्मियों के मुताबिक, वह बर्रा में किराए के मकान में रहते थे। सुबह 6 बजे वह ड्यूटी से बाइक से घर लौट रहे थे। इस दौरान अहिरवां में ट्रक ने टक्कर मारी और फिर भागने के चक्कर में कुचलते हुए निकल गया। साथी कर्मचारियों ने बताया कि पुलिस के सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची और दिव्यांशु हादसे के बाद मौके पर तड़पते रहे। राहगीरों ने किसी तरह लोकों पायलट को कांशीराम हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही सैकड़ों कर्मचारी कांशीराम हॉस्पिटल पहुंचे। पुलिस और रेलवे विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने के साथ ही हंगामा किया। वहीं, परिवार के लोग भी हादसे की जानकारी मिलते ही कानपुर आ रहे है। रेलवे कर्मचारियों में इस बात को लेकर आक्रोश था कि उनकी पोस्टिंग बीच जंगल में बने स्टेशनों में होने की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि असिस्टेंट लोको पायलट हादसे का शिकार हुए और उनकी जान चली गई। कर्मचारियों ने कहा कि मामले को रेलवे मुख्यालय तक पहुंचाएंगे। साथी की मौत से गुस्साए कर्मचारियों ने सेंट्रल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-9 पर दिल्ली से लखनऊ जा रही शताब्दी को रोक दिया और हंगामा शुरू किया। कर्मचारियों का कहना था कि पहले जेएमसी यार्ड में लोको पायलट की लॉबी स्टे करती थी, लेकिन कुछ समय पहले लॉबी को कानपुर आउटर क्षेत्र में बने सरसौल स्टेशन शिफ्ट कर दिया गया। इससे कर्मचारियों को काफी कठिनाई करनी पड़ रही।रेलवे अफसरों ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर कड़ी मशक्कत से कर्मचारियों को हटाया। तब जाकर करीब 45 मिनट बाद शताब्दी रवाना हो सकी। चकेरी थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि मामले की जांच करके टक्कर मारने वाली गाड़ी को तलाश किया जा रहा है। परिजनों की तहरीर मिलते ही मामले में एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। 

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