?> एपेक्स कमेटी के सदस्यों को भी नही पता चला और हो गयी अधिकारियों की नियुक्ति ? » Azad Samachar

एपेक्स कमेटी के सदस्यों को भी नही पता चला और हो गयी अधिकारियों की नियुक्ति ?

संवाददाता।
कानपुर।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के आला अधिकारियों ने पर्दे के पीछे अभी भी अपना खेल जारी रख रखा है। कहने को तो संघ के सभी निदेशक और पदाधिकारियों को कोई भी निर्णय मान्य करने के लिए एपेक्स कमेटी के सदस्यों की मंजूरी निहित है लेकिन आला अधिकारी पर्दे के पीछे से अभी भी निर्णय लेते देखे जा सकते है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में इस समय घमासान चरम पर है बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अपनी मनमर्जी करने से भी बाज आते नही दिखायी दे रहे।
यूपीसीए अपने हठधर्मिता रवैये के लिए एक बार फिर से चर्चा में आ रहा है संघ ने बिना प्रस्ताव पारित किए और एपेक्स कमेटी के सदस्यों के बिना ही कई पदों पर लोगों की नियुक्ति करने का कार्य कर दिखाया है। पहले सेलक्शंन कमेटी पर निगरानी रखने को सेलेक्शन एडवाईजरी कमेटी का गठन करके गोपाल शर्मा को चेयरमैन इसके बाद महिला क्रिकेट के लिए हेमलता काला को चेयरमैन और अब एथिक्स कमेटी के लिए इन्दु प्रकाश मिश्रा को अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करना लोढा समिति की सिफारिशों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट को दिए गए अपने ही हलफनामे पर अमल न करने पर मुहर लगा दी है। हद तो ये है कि इस बारे में संघ के किसी भी एपेक्‍स सदस्‍य को इसकी भनक तक नही दी गयी और नही उनकी नियुक्ति करने से पूर्व किसी प्रकार की बैठक आयोजित की गयी।संघ के किसी भी काम में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स हाईकोर्ट में चल रहे लम्बित मामलों की भी अनदेखी कर रहे है। वर्तमान समय में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सीईओ जैसे पद के लिए एक अहम फैसला कर एपेक्स कमेटी की सहमति व बिना प्रस्ताव पारित किए ही इनकी नियुक्ति कई सवाल खड़े कर दिए थे।अभी बीते कुछ साल पूर्व भी यूपीसीए ने महिला क्रिकेट का महाप्रबंधक रीता डे को बना दिया था। यह सब यूपीसीए के अधिकारियों ने बिना अपेक्स कमेटी के मेंबर्स के अप्रूवल के तहत कर दिया था और अब ये तीन नियुक्तियां खुद एपेक्स कमेटी के सदस्यों के साथ ही क्रिकेट जगत के जानकारों के गले उतरते नही दिखायी दे रही है। बतातें चलें कि जिस लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह से मानने के लिए प्रतिबद्धता दिखायी थी उन्हीं नियमों का उल्लंघन वर्तमान समय में संघ के पदाधिकारी पूरी तरह से करते नजर आ रहे हैं। यूपीसीए ने साल 2019 में अपनी एजीएम से पूर्व ही बीसीसीआई, सुप्रीम कोर्ट समेत कारपोरेट मन्त्रालय के अधिकारियों को एक हलफनामा दिया था जिसमें साफ तौर पर यह अंकित है कि संघ से जुड़ा कोई भी आदमी अपने फायदे के लिए क्रिकेट की गतिविधियों को संचालित नहीं करेगा और न ही व्यक्ति विशेष को दो पदों पर नियुक्त करने का निर्णय ।इस मामले के लिए पूर्व एपेक्स कमेटी सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि जब सभी निर्णय एपेक्स कमेटी के सदस्यों की बैठक मे तय किए जाने हैं तो बिना अनुमति के क्यों किए जा रहे है ये गंभीर चिन्ता का विषय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *