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गरीब विकलांग, विधवाओं के राशन कार्ड निरस्त फाइले गायब कोटेदार, दलाल, और इंस्पेक्टर का कॉकस हावी

डीएसओ कार्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय के बीच साल भर टरकाया जाता है

दलालों ने फर्जीवाड़ा करके राशनकार्ड का प्रतिरूप बनवाया, मूल प्रति कराई निरस्त।

संवाददाता।
कानपुर।
शासनादेश है कि जो गरीबी रेखा में और उससे नीचे का तबका है उसको शासन की तरफ से प्रति व्यक्ति को जीवन यापन के लिए इतना राशन उपलब्ध कराया जाता है कि वो महीने भर के दैनिक आहार के लिए पर्याप्त होता है ताकि वो जीवन की जरूरतों और आने वाली समस्याओं के लिए संघर्ष कर सके। जिसके लिए खाद्य विभाग है जिसका कार्य है गरीब पीड़ित राशन कार्ड धारकों की समयानुसार समस्याएं को सुनना समझना और उसका निवारण करना जिसमे राशन वितरण से लेकर प्रपत्र संबंधित समस्यायों होती है। लेकिन कोपरगंज खाद्य विभाग कार्यालय की इंस्पेक्टर संगीता सिंह लापता हैं। उनके पास आचार्य नगर सहित दो जगह का चार्ज है। गरीब पीड़ित राशनकार्ड धारक भटकते रहते हैं, ऑफिस में कोई सुनने वाला नहीं। इन गरीबो को बहुत सी कठनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय पर भटक रहीं 80/20 कुली बाजार बड़ा कुरियाना निवासी बुजुर्ग बेबस महिला इशरत जहां अंत्योदय कार्ड दिखाते हुए कहती हैं कि हमारे पति किराए का बैटरी रिक्शा चलाकर छह बेटियों का खर्चा चलाते हैं। लेकिन कोटेदार सुरेंद्र कुमार गुप्ता दो महीने से राशन नहीं दे रहे। पूछने पर कहते हैं की कार्ड कैंसल कर दिया गया है। डीएसओ कार्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय के बीच साल भर टरकाया जाता रहा। पता चला कि दलालों ने फर्जीवाड़ा करके उनके कार्ड का डुप्लीकेट बनवा लिया। जिससे ओरिजनल कैंसिल हो गया। इतना बडा फर्जीवाड़ा हो गया और अब गरीब की कोई सुनने वाला नहीं। इसी तरह से आम गरीब जनता के साथ बडे पैमाने पर फर्जीवाड़ा अलग अलग कोटेदारों के यह हो रहा है।यदि साल भर का आंकड़ा उठा लिया जाए तो इस हो रहे भ्रस्टाचार में करोड़ो के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है जो कोटेदार, दलालो आवर सम्बंदित क्षेत्रीय अधिकारीयो के काकश् से चल रहा हैं। आम गरीब लोग इस कृत्य से आहत है लेकिन विभागीय अधिकारी आँखे बंद करे बैठे है। गरीबो की सुनने वाला कोई नही है। इसी तरह 73/328, नवीन पार्क कुली बाजार निवासी विधवा गरीब सुमन सोनकर ने बताया की पति की मौत को साल भर हुआ। इन्होंने पति का राशन कार्ड से नाम कटवाने को क्षेत्रीय कार्यालय कोपरगंज में दे रखा था। इंस्पेक्टर कभी मिलते नहीं। बाबू ने महीनों दौड़ाने के बाद कह दिया की उनकी फाइल ही कार्यालय में नहीं है। अब इस विधवा बेसहारा गरीब को अपने बच्चों के लिए राशन तक नसीब नहीं हो रहा है। भीख मांगने की नौबत है। 80/20 कुली बाजार निवासी, दोनों पैरों से विकलांग युवक मोहम्मद रिजवान, जिसका राशन कार्ड बना था। उसका भी राशन कार्ड 4 महीने पहले अचानक ही बिना कोई कारण बताए कैंसिल कर दिया गया। जब विकलांग कोटेदार के यहां गया तब पता चला। कई महीनों से राशनिंग कार्यालय और डीएसओ ऑफिस के बीच इस विकलांग गरीब को दौड़ाया जा रहा है। इंस्पेक्टर मैडम कभी मिलती ही नहीं हैं।
जहां केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक गरीब असहाय जनमानस के लिये जागरूकता के साथ भरण पोषण के लिए सारी व्यवस्था प्रदान कर रही है और उन्हें अमल में लाने के लिए सख्त आदेश भी दिए गए है परंतु ये कोटेदार,दलाल,क्षेत्रिय अधिकारी गरीबो के पेट की रोटी छीन कर बेचे डाल रहे हैं ।

पीड़ित
पीड़ित विकलांग

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