May 4, 2026

यात्री ट्रेनों के पंखे बंद रहने से यात्री रहते बेहाल।



संवाददाता
कानपुर। भीषण गर्मी में झकरकटी बस स्टैंड पर यात्रियों को हीटवेव से बचाने के लिए बसों में कोई इंतजाम नहीं है। यहां से चलने वाली 1200 बसें 70 किमी से 700 किमी तक का सफर तय करती हैं। बसों के अंदर की यात्रियों सुविधाएं चरमराई हुई हैं।
अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर खड़ी यात्री ट्रेनों में पंखे बंद रहते है। इससे ट्रेन में बैठे हुए यात्री बेहाल रहते है। सबसे ज्यादा ट्रेने कानपुर से होकर गुजरती हैं। यहां से प्रतिदिन औसतन 5 लाख से ज्यादा यात्री ट्रेन और बसों से सफर करते हैं या गुजरते हैं। लेकिन इन लोगों के लिए प्रशासन ने हीटवेव को देखते हुए कोई हेल्थ हेल्प डेस्क नहीं बनाई गई है।
हीटवेव से बचाव के लिए ओआरएस, ग्लूकोज इत्यादि की व्यवस्थाएं करानी चाहिए। जिससे यात्रियों को डिहाइड्रेट होने से बचाया जा सकता है।
कानपुर प्रदेश के ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाला सबसे बड़ा जिला है। यहां देश की सबसे ज्यादा ट्रेनें कानपुर से होकर गुजरती हैं।
प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा झकरकटी है। यहां हीटवेव को लेकर इंतजाम नाकाफी हैं।
झकरकटी से वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, मऊ, देवरिया, रायबरेली, झांसी इत्यादि रूट पर चलने वाली एसी बसें और साधारण बसों के फर्स्ट ऐड बॉक्स खाली पड़े मिले। इन बॉक्सों में किसी भी तरीके की दवाई और ड्रेसिंग का सामान नहीं है। इसके लिए परिवहन विभाग ने बसों में कोई व्यवस्था नहीं की है। जबकि हीटवेव मे फर्स्ट एड बॉक्स में ओआरएस इत्यादि मौजूद होना चाहिए।
बस स्टैंड पर ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं है। बस स्टैंड की बात करें तो यहां केवल दो फ्रीजर लगाए गए हैं। इसमें से भी गरम पानी आ रहा है। ठंडे पानी के लिए बस स्टैंड में मौजूद यात्री इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दिए। यात्री  राहत के लिए ठंडे पानी की एक लीटर की बोतल 20 रुपए में खरीदने के लिए विवश दिखे।
बस स्टैंड पर पर्याप्त मात्रा में टीन शेड न होने की वजह से बसें खुली धूप में खड़ी होती हैं। इसकी वजह से यात्री इन दिनों में ज्यादा परेशान होते हैं।
शहर के कानपुर अनवरगंज रेलवे स्टेशन से गुजरात, मुंबई, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, बंगाल, असम और दिल्ली के लिए करीब 24 गाड़ियों का संचालन या होकर गुजरती हैं। यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
इसके लिए यात्री प्लेटफार्म पर बने स्टॉल से 20 रुपए की लोकल ब्रांड की एक लीटर पानी की बोतल खरीदने के लिए मजबूर हैं। जानकार बताते हैं कि अगर प्लेटफार्म पर लगे वाटर कूलर सही चलेंगे और ठंडा पानी सप्लाई करेंगे तो सीधा फर्क रेलवे प्लेटफार्म पर बने स्टॉलों की पानी की बिक्री पर पड़ेगा।
कानपुर अनवरगंज के प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़ी चौरीचौरा एक्सप्रेस के जनरल कोच में पंखे बंद मिले। कोच के अंदर बैठे यात्री धूप और गर्मी में परेशान दिखाई दिए। यात्री वैभव ने बताया- हमने कानपुर से छपरा का सफर तय करने के लिए यहां से ट्रेन पकड़ी है। इतनी गर्मी में ट्रेन के पंखे बंद हैं। इससे हम लोग परेशान हो रहे हैं।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए हीटवेव से बचने के लिए कोई भी हेल्थ डेस्क नहीं बनाई गई है। यदि किसी यात्री को हीटवेव के समय कोई परेशानी होती है तो यहां हेल्थ डेस्क न होने की वजह से समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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