
संवाददाता
कानपुर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी राष्ट्रव्यापी ‘गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के तहत घाटमपुर कस्बे में पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने की मांग करना है।
इस पावन अवसर पर क्षेत्रीय सनातन धर्म प्रेमियों और गौभक्तों ने महाराज जी के भव्य स्वागत के लिए विशेष पंडाल और स्वागत द्वार तैयार किए थे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासियों ने पंडालों में उपस्थित होकर महाराज के दर्शन, आरती और आशीर्वाद प्राप्त किए।
शंकराचार्य जी ने इस पूरी यात्रा के दौरान अन्न का पूर्ण त्याग कर रखा है और वे केवल फलाहार ग्रहण कर रहे हैं। वे किसी भी होटल, धर्मशाला या निजी भवन में नहीं ठहरते हैं, बल्कि अपनी विशेष वैनिटी वैन में ही विश्राम कर रहे हैं।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने इस अवसर पर कहा कि जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया जाता है, तब तक उनका संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।






