• गाड़ियों में हुई तोड़फोड़ के बाद गांव में पीएसी तैनात।

संवाददाता
कानपुर। डीसीएम चालक गोलू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने महाराजपुर थाने का घेराव किया।
गिरफ्तारी न होने से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने चौथी बार थाने में हंगामा किया। उन्होंने करीब दो घंटे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा किया।
नाराज लोगों ने गांव में पहुंचकर दूसरे समुदाय की दुकानों का सामान फेंका और वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना में दूसरे समुदाय के युवक भी निकल आए लेकिन बुजुर्गों के समझाने पर शांत हुए। इस दौरान पुलिस कही नजर नहीं आई। वहीं मंगलवार को दूसरे समुदाय की पंचायत को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी तैनात कर दी गई है।
इस दौरान डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने पुलिस फोर्स और एक प्लाटून पीएसी के साथ गांव में फ्लैग मार्च किया।
15 जून को डीसीएम चालक गोलू लापता हुआ था और 17 जून को उसका शव रूमा हाईवे पर मिला था। पुलिस ने गांव के ही इशाक समेत 3 लोगों पर 5 हजार रुपए के लेनदेन के विवाद में गोलू की हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
19 जून को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए करीब आठ घंटे तक प्रदर्शन किया था। एसीपी महाराजपुर और एसडीएम के तीन दिन में कार्रवाई के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कराया गया था ।
इसके बाद 21 जून और 27 जून को भी परिजनों ने थाने के बाहर प्रदर्शन करके आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई।
वहीं, महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। प्रदर्शन के दौरान बने वीडियो के आधार पर अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि बवाल को देखते हुए महाराजपुर के हाथीपुर गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।






