• सीलिंग तोड़कर पेंट करके सबूत मिटाए।

संवाददाता
कानपुर। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई की बिल्डिंग को सील करने के 24 घंटे के भीतर ही अफसरों ने यू-टर्न ले लिया। अब कानपुर विकास प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि बिल्डिंग को सील नहीं किया गया है, सिर्फ नोटिस दी गई है।
जबकि केडीए ने बेसमेंट को सील करते हुए सीलिंग की पट्टी लगाई थी और पेंट से सीलिंग की कार्रवाई को लिखा था। लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष के रसूख के आगे 24 घंटे के भीतर अफसर अपनी ही कार्रवाई से पीछे हट गए। सीलिंग तोड़ दी, पेंट करके कार्रवाई के सबूत मिटा दिए। इसको लेकर जिन संस्थानों पर एक्शन हुआ है, सभी में गुस्सा है।
जाजमऊ में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना और मन्नू महाना की बिल्डिंग है। केडीए जोन-1 के प्रवर्तन दस्ते ने बुधवार को बिल्डिंग के बेसमेंट में एक रेस्टोरेंट और ऊपर तीन कोचिंग चलती मिली। जांच में बिल्डिंग मानक के विपरीत पाई गईं तो एक्शन हुआ। इन पर नोटिस चस्पा करते हुए बिल्डिंग को सील कर दिया गया।

केडीए जोन-3 प्रवर्तन विभाग के प्रभारी अभियंता ने बताया कि मुझे जानकारी नहीं है कि किसकी बिल्डिंग है।
बिट्टू महाना ने कहा- बेसमेंट में संचालन केवल उनकी ही बिल्डिंग में नहीं हो रहा है, बल्कि पूरे कानपुर में इसी तरह कई बेसमेंट संचालित हैं। यदि प्रशासन निर्देश देगा तो एक मिनट में बेसमेंट खाली करा देंगे। प्रशासन की ओर से मुझे कोई नोटिस नहीं दिया गया। बिना पूर्व सूचना के सीधे कार्रवाई करके परिसर को सील कर दिया गया।
बिट्टू महाना ने यह भी दावा किया कि परिसर में फायर सेफ्टी के सभी इंतजाम मौजूद हैं। मेरे पास फायर एनओसी सहित आवश्यक दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मुझे व्यवस्थाएं दिखाने का मौका नहीं दिया और मेरे पहुंचने से पहले ही सीलिंग की कार्रवाई कर दी।
केडीए के सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया- इस संबंध में प्रवर्तन प्रभारी की टीम से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार बुधवार को क्षेत्र में नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम अभी केवल नोटिस ही दे रही है।
बुधवार को किसी भी बिल्डिंग को सील नहीं किया गया है। विशेष रूप से निर्देश दिए गए थे कि अभियान के नाम पर किसी भी भवन मालिक का उत्पीड़न न किया जाए। पहले नोटिस देकर नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं। फिर यदि नियमों का पालन नहीं होता है, तभी आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सतीश महाना के भाई की बिल्डिंग पर सीलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
आपको जानकर हैरत होगी कि महाना के रसूख के चलते सीलिंग की कार्रवाई के 24 घंटे बाद ही सील की पटि्टका को हटा दिया गया। जो नोटिस चस्पा किए गए थे, उसे फाड़ दिया गया। केडीए ने कार्रवाई के समय लिखा था- परिसर केडीए द्वारा सील कर दिया गया है…, इसे सफेद रंग से पेंट कर दिया गया, ताकि सबूत मिटाया जा सके।






