
संवाददाता
कानपुर। गंगा बैराज से शहर की करीब 8 लाख आबादी को होने वाली पेयजल आपूर्ति पिछले 8 दिन से बाधित है। कंपनी बाग चौराहे पर पाइप लाइन में बार-बार लीकेज होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने सप्लाई बहाल करने की कोशिश की, लेकिन टेस्टिंग के दौरान फिर लीकेज मिलने से पानी की आपूर्ति रोकनी पड़ी।
कंपनी बाग चौराहे पर करीब 15 दिन पहले डॉट नाला क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी मरम्मत जलकल विभाग करा रहा है। इसी दौरान 1 अगस्त की शाम जलकल के काम के चलते जल निगम की मुख्य पेयजल पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई।
पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद जल निगम को फूलबाग से लेकर शहर दक्षिण के बड़े हिस्से की जलापूर्ति तत्काल रोकनी पड़ी। इससे हजारों घरों में पानी की किल्लत शुरू हो गई।
2 अगस्त से जल निगम की टीम क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत में जुटी थी, लेकिन गड्ढे में लगातार पानी भरने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा था। कई दिनों की मशक्कत के बाद पाइप लाइन की मरम्मत पूरी कर ली गई। इसके बाद विभाग ने बैराज से पानी छोड़कर सप्लाई बहाल करने की तैयारी की, लेकिन टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन में एक और लीकेज मिल गया। इससे पूरी व्यवस्था फिर प्रभावित हो गई।
आठ दिन से जलापूर्ति ठप होने के कारण फूलबाग, परमट, गुमटी, किदवई नगर, गोविंद नगर, बर्रा, नौबस्ता और दक्षिण के कई इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में सुबह से शाम तक पानी के लिए लंबी कतारें लग रही हैं।
जल निगम शहरी के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि नया लीकेज मिलने के कारण जलापूर्ति फिर बंद करनी पड़ी है। मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और लीकेज ठीक होने के बाद ही बैराज से नियमित जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
जल निगम अधिकारी ने कहा कि फिलहाल विभाग प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। उम्मीद है कि अगले 2-3 दिन में लीकेज ठीक कर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।






