• बोले- 15 दिन में समाधान नहीं तो नगर निगम का घेराव होगा।

संवाददाता
कानपुर। आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई व कैंट विधायक हसन रुमी ने गुरुवार को नगर आयुक्त से मुलाकात करके जनसमस्याओं को लेकर 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई।
विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एक माह के भीतर नगर निगम मुख्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
नगर आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में विधायको ने शहर की सफाई व्यवस्था, सीवर, पेयजल, मार्ग प्रकाश, आवारा कुत्तों की समस्या, जर्जर भवनों, कूड़ा निस्तारण और नगर निगम में लंबित फाइलों के निस्तारण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पिछले कुछ समय से बेहद धीमी हो गई है। कई फाइलें महीनों तक एक ही टेबल पर पड़ी रहती हैं और समयबद्ध निस्तारण की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।
विधायको ने सीएम ग्रिड रोड परियोजना की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं है और न ही यह बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य कब तक पूरे होंगे। इसके अलावा नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती, कूड़ा वाहनों की व्यवस्था, हैंडपंप रीबोर, सबमर्सिबल पंप, चौराहों के सौंदर्यीकरण और खुले कूड़ाघरों की समस्या को भी प्रमुखता से रखा गया।
ज्ञापन में जगन्नाथ यात्रा मार्ग के पैचवर्क, चुन्नीगंज कन्वेंशन सेंटर के निर्माण कार्य को शुरू कराने, डॉट नालों के सुदृढ़ीकरण, उर्सला अस्पताल के पीछे विकसित की जा रही ग्रीन बेल्ट को पार्किंग के रूप में विकसित करने तथा पार्कों में माली और चौकीदारों की नियुक्ति की मांग भी की गई। इसके साथ ही ठेला, पटरी और रेहड़ी दुकानदारों को जबरन हटाने के बजाय फेरी नीति के तहत व्यवस्थित किए जाने की बात कही गई।
अमिताभ बाजपेई ने फूलबाग फल मंडी अग्निकांड से प्रभावित दुकानदारों की दुकानों के पुनर्निर्माण, घंटाघर चौराहे के सौंदर्यीकरण, नाना राव पार्क में अधूरे पड़े महापुरुषों के पेडेस्टल पर मूर्तियां स्थापित करने तथा शिलापट्टों में शासनादेश के अनुपालन की मांग भी उठाई।
उन्होंने बताया कि शहर की समस्याओं के साथ-साथ विभिन्न वार्डों की स्थानीय समस्याओं को भी अलग से नगर आयुक्त के समक्ष रखा गया है। नगर आयुक्त ने सभी बिंदुओं पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
विधायको ने बताया कि वह 15 दिनों तक प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार करेंगे। इसके बाद भी यदि समस्याओं के समाधान की दिशा में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो एक माह के भीतर नगर निगम मुख्यालय का घेराव करते हुए बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






