• सीएसजेएमयू में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर मीडिया” सर्टिफिकेट कोर्स प्रारम्भ।

संवाददाता
कानपुर। पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों और डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आगामी शैक्षणिक सत्र जुलाई 2026 से “सर्टिफिकेट कोर्स इन एआई फॉर मीडिया” प्रारंभ किया जा रहा है। यह रोजगारपरक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों तथा कार्यरत पत्रकारों को मीडिया उद्योग में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और उससे जुड़ी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
मीडिया उद्योग आज डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। समाचार संग्रहण, कंटेंट निर्माण, वीडियो प्रोडक्शन, डेटा विश्लेषण, फैक्ट चेकिंग और दर्शकों तक सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
ऐसे समय में पत्रकारिता के विद्यार्थियों और मीडिया पेशेवरों के लिए नई तकनीकों की समझ और उनका व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने इस सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की मीडिया चुनौतियों के लिए तैयार करना और उन्हें आधुनिक न्यूज़रूम की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है। पाठ्यक्रम में कंटेंट राइटिंग, स्क्रिप्ट निर्माण, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, वीडियो एडिटिंग, डेटा जर्नलिज्म, डेटा एनालिटिक्स, फेक न्यूज डिटेक्शन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, ऑटोमेटेड न्यूज जनरेशन तथा विभिन्न एआई आधारित मीडिया टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त मीडिया में एआई के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग, कॉपीराइट, डेटा सुरक्षा तथा पत्रकारिता मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को उन अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, जिनका उपयोग आज विश्व के अग्रणी मीडिया संस्थान कर रहे हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न एआई प्लेटफॉर्म और टूल्स के माध्यम से कंटेंट निर्माण, शोध, तथ्य सत्यापन, ऑडियो-वीडियो प्रोडक्शन और डिजिटल मीडिया प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इससे वे मीडिया उद्योग में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस सर्टिफिकेट कोर्स के पाठ्यक्रम को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की पाठ्यक्रम समिति ने अनुमोदित किया है। साथ ही विभिन्न बाह्य विषय विशेषज्ञों एवं मीडिया शिक्षाविदों ने भी पाठ्यक्रम की समीक्षा कर इसे वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोर्स विद्यार्थियों को पारंपरिक पत्रकारिता और आधुनिक तकनीक के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में मदद करेगा।
इस अवसर पर सीएसजेएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया और जनसंचार का स्वरूप अभूतपूर्व गति से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि आज की वास्तविकता बन चुका है। मीडिया संस्थानों में समाचार निर्माण और प्रसारण की प्रक्रियाओं में एआई का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि विद्यार्थी और मीडिया पेशेवर नई तकनीकों को नहीं अपनाते हैं तो वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं।
उन्होंने कहा, “सर्टिफिकेट कोर्स इन एआई फॉर मीडिया शुरू करने का हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। यह कोर्स छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। हमें विश्वास है कि यह पहल पत्रकारिता शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी तथा मीडिया उद्योग को तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी।”
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि यह सर्टिफिकेट कोर्स छह माह की अवधि का होगा। पाठ्यक्रम में थ्योरी की अपेक्षा प्रायोगिक प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा, जिससे छात्र वास्तविक न्यूज़रूम वातावरण में एआई टूल्स के उपयोग को समझ सकें। उन्होंने कहा कि मीडिया उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कोर्स की संरचना तैयार की गई है, ताकि प्रतिभागियों को सीधे रोजगारोन्मुख कौशल प्राप्त हो सके।
डॉ. अवस्थी ने बताया कि इस कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। किसी भी संकाय से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कार्यरत पत्रकार, मीडिया प्रोफेशनल्स तथा डिजिटल मीडिया क्षेत्र से जुड़े इच्छुक अभ्यर्थी भी इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। प्रारंभिक चरण में कुल 20 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में मीडिया क्षेत्र में एआई आधारित कार्यों की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह कोर्स विद्यार्थियों और मीडिया कर्मियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। विभाग का प्रयास है कि प्रतिभागियों को केवल तकनीकी जानकारी ही न दी जाए, बल्कि उन्हें एआई के प्रभावी, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।
विश्वविद्यालय की यह पहल पत्रकारिता शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाठ्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश सहित देशभर में मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल भी स्थापित करेगा।






