June 28, 2026

संवाददाता

कानपुर। विकासखंड चौबेपुर की ग्राम पंचायत चौबेपुर कलां ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सफल मॉडल बनकर उभर रही है। यहां घर-घर से कूड़ा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण तथा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। 

इस व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने ग्राम पंचायत में स्थापित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान आरआरसी सेंटर का संचालन संतोषजनक पाया गया। ग्राम पंचायत में ई-रिक्शा के माध्यम से घर-घर से कूड़ा एकत्र किया जाता है। कूड़े के पृथक्करण के बाद प्लास्टिक अपशिष्ट को रमईपुर एवं बिल्हौर देहात स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट केंद्रों को भेजा जाता है। ग्राम प्रधान एवं पंचायत की पहल से ग्रामीणों ने अब तक लगभग 1.08 लाख रुपये का यूजर चार्ज जमा किया है, जिसे ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा कराया गया है।

पंचायत सचिव सुप्रिया सिंह के प्रयासों से केंद्र में वर्मी कम्पोस्ट इकाई भी संचालित की जा रही है। वर्तमान में यहां लगभग 16 कुंतल जैविक खाद तैयार हो चुकी है। इस खाद का उपयोग एवं विक्रय उद्यान विभाग, वन विभाग, नगर निगम, कानपुर विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न संस्थानों में किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्टिंग इकाई, कूड़ा पृथक्करण और प्रसंस्करण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के क्रम में 1 अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने घरेलू कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी तथा घरेलू हानिकारक अपशिष्ट की चार श्रेणियों में अलग-अलग कर संग्रहण वाहन को देना चाहिए। वहीं होटल, गेस्ट हाउस, बड़े संस्थान, बड़े आवासीय परिसर एवं अन्य बल्क वेस्ट जनरेटर्स को अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण और प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा।

डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क के किनारे अथवा सार्वजनिक स्थलों पर लगे कूड़े के ढेर किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होंगे। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में कूड़ा पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी नियमित निगरानी होगी। निर्देशों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने आपशिष्ट प्रबंधन केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया तथा ग्रामीणों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। 

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, ग्राम प्रधान अरविन्द यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।