
संवाददाता
कानपुर। भ्रष्टाचार से आज अनेको यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यह मामला है परिवहन विभाग का जिसमें शुक्रवार दोपहर रोडवेज की चलती हुई खटारा बस आग की चपेट में आ गई। इस खतरनाक हादसे में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बस महोबा से कानपुर आ रही महोबा डिपो में अचानक तेज धुआं उठने से यात्रियों में हड़कंप मच गया।
यह घटना कानपुर-सागर हाईवे पर घाटमपुर क्षेत्र के पतारा कस्बे में पुलिस चौकी मोड़ के पास हुई। बस के इंजन से धुआं निकलता देखकर सवारियों में अफरा-तफरी और चीख पुकार मच गई।
बस चालक और महिला कंडक्टर ने कपनी जान जोखिम में डालकर तत्काल गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। वहीं, बस में मौजूद महिला कंडक्टर ने यात्रियों को शांत कराया और उनसे इस मुश्किल घड़ी में सहयोग करने की अपील की। इसके बाद बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया, जिसमे कुछ यात्रियों ने स्वयं ही बस की खिड़कियों से कूदकर जान बचाई। स्थानीय लोगों ने भी यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और देखते ही देखते हाईवे पर लोगों की भीड़ जुट गई।
परिवहन विभाग की इस बस में हुई घटना आम जनमानस के लिए संचालित बस के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है, किस तरह परिवहन निगम के अनुरक्षण विभाग के भ्रष्टाचार के कारण चपेट में आये यात्रियों की जानों को खतरे में डालकर परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने अपनी जेबों को भरा होगा। जबकि नियमित अनुरक्षण विभाग के निरीक्षण परीक्षण का मानक तय है जिनका अनुपालन प्रतीत होता नहीं दिखाई दे रहा है। जिस कारण पूर्व में भी इस तरह की भयावह घटनाएं घटित हुई है और यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले समय मे बड़ा हादसा होने की प्रबल संभावना हो सकती है।
चालक धर्मेंद्र ने बताया, इंजन में लगे नोजल से ऑयल लीक होने के कारण यह घटना हुई। घटना की जानकारी तुरंत फोन पर डिपो अधिकारियों को दी गई। इसके बाद पीछे से आ रही दूसरी रोडवेज बस में यात्रियों को बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि बस में धुआं उठने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर तत्काल पहुंची थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही चालक और परिचालक ने सभी सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था और उन्हें दूसरी बस से रवाना कर दिया गया था इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।






