• आनंदेश्वर मंदिर जाने में श्रद्धालुओं को होती दिक्कत
संवाददाता कानपुर। नगर की मेयर प्रमिला पांडेय का निवास जिस वार्ड में है वहां भी विकास के दावे जमीन पर नहीं है । वार्ड-42 परमट 40 वर्षों से जलभराव की बीमारी झेल रहा है। लोगों ने बताया कि बारिश में सड़कें तालाब हो जाती हैं। पानी घरों और दुकानों में घुसता है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।
लोगों ने बताया कि सरकारी अस्पताल और बारातशाला जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग अधूरी है। मेयर का वार्ड है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं।
बरसात के दौरान परमट मंदिर रोड और आसपास के इलाके जलमग्न हो जाते हैं। कई जगह सड़क और नाली का अंतर खत्म हो जाता है। दुकानों और मकानों में पानी घुस जाता है। वहीं प्राथमिक स्कूल के पास कूड़ा गाड़ी में सड़ता कचरा भी दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही परमट मंदिर रोड पर जलभराव होने लगता है। कई बार कमर तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है और घरों में पानी घुसने से आमजन परेशान रहते हैं।
बाबा आनंदेश्वर मंदिर में सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन बारिश के दौरान मंदिर मार्ग पर जलभराव होने से लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है।
वार्ड के एक हिस्से में आधुनिक अपार्टमेंट और विकसित कॉलोनियां हैं, जबकि दूसरे हिस्से में पुराने मोहल्ले और संकरी गलियां हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र का विकास तेजी से हुआ है, लेकिन जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं उसी अनुपात में मजबूत नहीं हुईं है ।लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से नियमित कूड़ा उठान होता है, लेकिन कई बार कूड़ा समय पर नहीं उठाया जाता। इससे सड़क किनारे कचरा जमा हो जाता है और मच्छर-मक्खियों की समस्या बढ़ जाती है।
क्षेत्रवासियों ने वार्ड में सरकारी अस्पताल खोलने की मांग की। उनका कहना है कि पहले शराब गद्दी वाली गली में सरकारी अस्पताल था, जो लंबे समय से बंद है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सुविधा के लिए सार्वजनिक बारातशाला या धर्मशाला बनाने की भी मांग की गई।
परमट मंदिर रोड और आसपास के इलाकों में हर साल बरसात के दौरान जलभराव हो जाता है। कई जगह घरों और दुकानों तक पानी पहुंच जाता है।
क्षेत्र में सरकारी अस्पताल नहीं होने से लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है।
कम आय वाले परिवारों के लिए शादी-विवाह और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने हेतु सस्ती सार्वजनिक बारातशाला नहीं है।
कई बार कूड़ा समय पर नहीं उठता, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है।
कुछ स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
क्षेत्रीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। कई सड़कें टूटी हैं और कूड़ा उठान भी समय पर नहीं होता। राजेद्र ने कहा कि बरसात में उनके घर के अंदर तक पानी भर जाता है और रहने में भारी परेशानी होती है। संजय त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के दौरान मरीजों और श्रद्धालुओं दोनों को परेशानी होती है। कई बार लोगों को गंदे पानी से होकर मंदिर जाना पड़ता है।
रामजी वर्मा ने बताया कि बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है। इसका स्थायी समाधान जरूरी है। विनोद ने कहा कि कई जगह कूड़ा लंबे समय तक पड़ा रहता है, जिससे मच्छर और मक्खियां बढ़ती हैं। रमा द्विवेदी ने कहा कि बारिश के दौरान उनके कमरे में पानी भर जाता है और बिस्तर तक भीग जाते हैं।
वार्ड-42 के पार्षद जितेंद्र बाजपेई ने बताया कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए काम कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में बारातशाला के निर्माण का प्रस्ताव भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से क्षेत्र में लोगों के बीच रहते हैं और समस्याओं के समाधान का प्रयास करते हैं।
वार्ड-42 के पार्षद जितेंद्र बाजपेई ने बताया कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए काम कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में बारातशाला के निर्माण का प्रस्ताव भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से क्षेत्र में लोगों के बीच रहते हैं और समस्याओं के समाधान का प्रयास करते हैं।






