— अजय ठाकुर ने रील डालकर फिर से दी खुली चुनौती।

संवाददाता
कानपुर। लगभग 60 दिनों तक पुलिस को चकमा देकर फरार रहने वाला 33 मुकदमों का आरोपी गैंगस्टर अजय ठाकुर जेल पहुंचने के बाद भी महज 60 घंटे के अन्दर ही जेल से बाहर आ गया। जेल से रिहा होते ही उसने सोशल मीडिया पर रील और पोस्ट डालकर एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। इससे कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गैंगस्टर अजय ठाकुर पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। करीब दो महीने तक फरार रहने के बाद वह पुलिस के शिकंजे में आया, लेकिन गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद उसे जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया।
रिहाई के तुरंत बाद अजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर अपनी रील और पोस्ट साझा की। इसमें वह बेखौफ अंदाज में दिखाई दिया। पोस्ट सामने आते ही यह तेजी से वायरल होने लगी। लोगों का कहना है कि अपराधी का इस तरह खुलेआम सोशल मीडिया पर सक्रिय होना और दबंगई का प्रदर्शन करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लंबे समय तक अभियान चलाया, उसे अदालत से राहत मिलने के बाद बाहर आते ही सोशल मीडिया के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और शक्ति प्रदर्शन करने का मौका कैसे मिल गया। इससे पुलिस की प्रभावी निगरानी और अपराधियों पर अंकुश लगाने की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार वायरल पोस्ट की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी शुरू कर दी है। यदि पोस्ट में किसी प्रकार की धमकी, भय का माहौल बनाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी सामग्री पाई जाती है तो उसके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल गैंगस्टर की वायरल रील शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि शातिर अपराधी गिरफ्तारी और जेल से बाहर आने के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया के जरिए दबंगई दिखाने लगें, तो इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होने का संदेश जाता है। ऐसे में पुलिस के सामने अब केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनकी ऐसी गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाना बड़ी चुनौती बन गया है।






