• विधायक ने जवाब दिया कि बीजेपी वालों को भविष्य के लिए सिखा रहे है।

संवाददाता
कानपुर। आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई इन दिनों नगर निगम के खिलाफ किए जा रहे अनोखे प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं। कभी वो नगर निगम के स्विमिंग पूल में सूखा पड़े होने के कारण ड्राई स्विमिंग कर रहे हैं, तो कभी वे खुद कूड़ा गाड़ी लेकर अपनी विधानसभा में कूड़ा उठाते दिखते है ।
सपा विधायक की ओर से विरोध के इस तरीके पर मेयर प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि वे तमाशा कर रहे हैं, उनका ये काम ही है। नगर निगम को उनके रिपोर्ट कार्ड की कोई जरूरत नहीं है। इसके जवाब में विधायक ने कहा कि हम बीजेपी करने वालों को तमाशा करना अभी सिखा दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें आगे विपक्ष में रहना है।
28 अप्रैल को विधायक अमिताभ फूलबाग नानाराव पार्क स्थित नगर निगम के तरणताल पहुंच गए। स्विमिंग पूल में पहुंचकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। स्विमिंग पूल सूखा पड़ा था। अमिताभ बाजपेई ने वहां नाटक मंचन भी किया, जहां अधिकारी को सोते हुए दिखाया गया। वहां एक बैनर लगाया गया, जहां नगर निगम की जगह “नकारा निगम” लिखा था।
फिर उसी सूखे स्विमिंग पूल में ज़मीन पर लेटकर तैराकी करने के अंदाज में हाथ-पैर हिलाकर प्रदर्शन किया।
इसके बाद 1 मई को सपा विधायक ने फिर से नगर निगम को निशाना बनाया। उन्होंने अपनी विधानसभा में कूड़ा गाड़ी और सफाई कर्मियों के काम न करने को मुद्दा बनाया। सिर पर गमछा बांधा और खुद कूड़ा गाड़ी निकाली और गाड़ी लेकर सड़क पर निकल पड़े। उन्होंने एक पार्क की सफाई कर कूड़ा गाड़ी में भरकर निकले और अनोखे प्रदर्शन कर विरोध जताया।
मेयर प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि कोई भी विधायक हो, उनका काम है ये सब करना। खासतौर पर उन्हें शायद नाना राव पार्क से ज़्यादा प्यार है। इन लोगों का काम है वहां जाकर नगर निगम की बुराई करना। देखिए, उनको तो अपना तमाशा शहर को दिखाना है। शहर हमारा स्वच्छ है, साफ है। ये नहीं कर रहे हैं कि सफाई में साथ दें। गाड़ी में कूड़ा लेकर घूम रहे हैं, तो ये तो उन्हीं से पूछिए कि क्यों ऐसा कर रहे हैं।
अगर वे नगर निगम को “नकारा निगम” कह रहे हैं, तो उनके कहने से हमें मतलब नहीं है। हमारे शहर की आबादी 50 लाख के आसपास है। जो हमारी जनता है, जो हमारे वोटर हैं, वही सब कुछ हैं। ये हैं क्या जो हमें रिपोर्ट कार्ड देंगे? इनका काम है विरोध करना। बस यही है कि नगर निगम ऐसी संस्था है कि कोई भी कुछ भी कह दे, उन्हें दिक्कत है तो कहते रहें।
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि मैं विपक्ष में हूं, मेरा अधिकार है कि मैं जनता के लिए आवाज उठाऊं। अब जब अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं, वे शायद नींद में सो रहे हैं। इसलिए नगर निगम को “नकारा निगम” लिखकर पोस्टर लगाया। स्विमिंग पूल बनाया गया है, वह जनता के लिए है, लेकिन उसे क्यों नहीं शुरू किया गया? जबकि स्विमिंग पूल मार्च में शुरू हो जाना चाहिए था। अप्रैल खत्म हो गया, शुरू नहीं हुआ। अधिकारियों को कई बार कहा गया, उन्हें राजस्व के नुकसान की भी चिंता शायद नहीं है।
इसी तरह से मेरी विधानसभा के कई वार्डों में कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। पता चला कूड़ा गाड़ियों की स्थिति ठीक नहीं है और सफाई कर्मी समय से नहीं आते हैं। तो मैंने खुद ही कूड़ा गाड़ी उठा ली और सफाई शुरू कर दी।
अधिकारियों की स्थिति ये है कि वे फोन नहीं उठाते हैं। जबकि मुझे जानकारी मिली कि सफाई कर्मचारियों को बढ़ाए जाने की बात हुई है और कूड़ा गाड़ी देने की बात कही गई, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया।
विधायक ने कहा कि उनके इस अनोखे प्रदर्शन से फायदा तो हुआ है। सोए हुए अधिकारियों तक आवाज पहुंच गई। पता चला है कि एक-दो दिन में स्विमिंग पूल शुरू हो जाएगा। मेरी विधानसभा के कई वार्डों में कूड़ा गाड़ी भी पहुंच गई है। ये सोए अधिकारियों को जगाने का तरीका है।
मेयर की ओर से विरोध को तमाशा कहने पर विधायक ने कहा, तमाशा करने की बात रही तो ईश्वर चाहेंगे तो निजाम बदलेगा, तमाशे बदलेंगे। जो तमाशे हम लोग कर रहे हैं, कल उन लोगों को करने पड़ेंगे। जनता तैयार है।
विधायक ने कहाकि बीजेपी के नेताओं ने अभ्यास शुरू कर दिया है। सड़क पर आकर आंदोलन शुरू कर दिया है। लगता है जैसे विपक्ष में आने का अभ्यास शुरू कर दिया हैं। मेरा अनुरोध है कि बीजेपी के लोग विपक्ष में जाने से पहले विरोध करने के नए-नए तरीके हमसे सीखकर जाएं।






