June 21, 2026

चंद्रेश ने पुलिस में दर्ज कराए बयान।

संवाददाता

कानपुर। फर्जी मैरिज ब्यूरो से एआई से दुल्हन तैयार करके लोगों को फंसाने वाले गैंग में शामिल लड़कियां कहीं शातिर थीं। पीड़ित चंद्रेश की माने तो उसे बहन, दोस्त और भावी पत्नी बनकर राधिका, प्रीती और पूर्वी ने खूब छला। दोस्त बनकर प्रीती ने जाल में फंसाया, बहन बनकर राधिका ने शादी का भरोसा दिलाया और पूर्वी ने भोजपुरी भाषा में तुमही से लगन करब… कहकर लूट लिया। चंद्रेश ने अपने दर्ज कराए बयानों में यह बातें पुलिस टीम को बतायी हैं।

बाराबंकी के रामनगर सदनपुर सेमराय का रहने वाला चंद्रेश दिहाड़ी मजदूर है। चंद्रेश को शादी का झांसा देकर चार लाख की ठगी के मामले में पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज किए। चंद्रेश ने अधिकारियों को बताया कि प्रीती ने सबसे पहले शादी कराने के लिए फोन किया था। वह उसकी बातों में आ गया। उसके बाद राधिका ने बात शुरू की।
नया रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर फिर से रुपयों का खेल शुरू कर दिया। चंद्रेश के मुताबिक राधिका ने कहा था, हम तुम्हारी बहन हैं। मुझे प्रीती की तरह मत समझना, भरोसा रखो… हम तुम्हारी शादी कराएंगे। बस रजिस्ट्रेशन के नाम पर कुछ भुगतान करना है, वो कर दो। राधिका के झांसे में आने पर उसने दोबारा रजिस्ट्रेशन कराया, जिस पर उसने पूर्वी का फोटो और नंबर दिया।
पूर्वी अक्सर चंद्रेश की ही तरह भोजपुरी भाषा में बोलती थी। उसने कहा था कि वह शादी करने को तैयार है। अभी मां की तबीयत खराब है, उनका इलाज चल रहा है। इसके नाम पर उससे रुपये लिए गए। चंद्रेश ने कहा कि मां को बाराबंकी ले आओ तो यहीं इलाज करा देंगे। वह पैसा लेती रही, लेकिन आयी नहीं। उसके पीएफ में दो लाख रुपये थे, जबकि दो लाख उसने जोड़ रखे थे।
पहले उससे इलाज के लिए 30 हजार रुपये फिर मांगा गया। नहीं दिए तो आधार और पैन कार्ड मांगा गया। शक होने पर उसने आधार और पैन नहीं दिया तो कुछ दिन बाद पूर्वी ने भी फोन बंद कर दिया।
क्राइम ब्रांच को इस मामले में साइबर के वकील अमित, करम पटेल और जागृति की तलाश है। तीनों रंजीश के पकड़े जाने के बाद से ही नंबर बंद करके फरार हैं। पुलिस सीडीआर निकाल रही है, छत्तीसगढ़ का अमित खुद भी कई मैरिज ब्यूरो चलाता है। छत्तीसगढ़ का करम पटेल रिश्ते मैचिंग नाम से मैरिज ब्यूरो चलाता है। वहीं, कानपुर की जागृति उन्नाव में मैरिज ब्यूरो चलाती है।
साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि चंद्रेश एक कंपनी के लिए मजदूरी करता है। इसके लिए वह दूसरे शहरों में जाता है। बातचीत के दौरान उसने दिल्ली, गुजराज और लखनऊ समेत अलग-अलग शहरों से जनसेवा केंद्रों के माध्यम से रुपये भेजे हैं। जिसका डिटेल निकाला जा रहा है। चंद्रेश के एक अकाउंट से रंजीश के खाते में पैसा गया है। इसकी डिटेल मिली है।

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