June 28, 2026

• एनसीसी कैडेट्स को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण।

संवाददाता 

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में परिसर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, संगठित एवं आपातकालीन परिस्थितियों के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन, अभियंता टीम, वास्तु विशेषज्ञों, विद्युत एवं परियोजना से जुड़े अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में विश्वविद्यालय के सभी विभागों, संस्थानों, कार्यालयों एवं छात्रावासों में अग्नि सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि परिसर के सभी भवनों में मानकीकृत फायर एग्जिट प्लान लागू किए जाएंगे तथा आपातकालीन निकासी मार्गों को स्पष्ट संकेतकों एवं सुरक्षा दिशा-निर्देशों के साथ व्यवस्थित किया जाएगा।

इस अवसर पर कुलपति के कार्यालय आदेश के अनुसार  सतीश चन्द्र मधुकर, सहायक अभियंता विद्युत को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय का फायर समन्वयक  नामित किया गया। 

वे विश्वविद्यालय परिसर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं के समन्वय, निगरानी, उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा नियमित प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में नियमित फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएंगी तथा सुरक्षा कर्मियों एवं कर्मचारियों को भवन-विशिष्ट अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स को भी विशेष अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित युवा सहयोगी दल तैयार किया जा सके और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

इसके अतिरिक्त, सभी विभागाध्यक्षों एवं संस्थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नामित फायर समन्वयक को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सुरक्षित, जागरूक एवं उत्तरदायी परिसर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।