June 23, 2026

संवाददाता
कानपुर। बाहर से पॉश दिखने वाला आवास विकास विनायकपुर वार्ड-54 अंदर से मुसीबतों से भरा है। पार्कों की बदहाली, गंदा पानी और करंट के खतरे से लोग परेशान हैं।
मध्यम और उच्चवर्गीय आबादी वाले इस वार्ड में बिजली के तारों का मकड़जाल नजर आता है। पोल और तार घरों के छज्जों से सटकर निकले हैं। वार्डवासी घर के अंदर भी अपने बच्चों की चिंता में दिन-रात परेशान रहते हैं। पार्कों में भी करंट का खतरा है। यहां के मुख्य पार्क में चार ट्रांसफार्मर रखे हैं।
सिलेंडर चौराहा पर निर्माणाधीन नाला बिना सुरक्षा व्यवस्था के बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अक्सर यहां हादसे होते हैं। लोग इसमें गिर जाते हैं। वार्ड के आई ब्लॉक स्थित पार्क की बाउंड्रीवाल जगह-जगह से टूटी और जर्जर मिली। पार्क में हरियाली की जगह सूखे पौधे और कूड़ा दिखाई दिया। बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पार्क परिसर में चार ट्रांसफार्मर रखे गए हैं।
आई ब्लॉक का पार्क क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल है। लोगों का कहना है कि पार्क का रखरखाव वर्षों से नहीं हुआ। बाउंड्रीवाल टूट चुकी है, बैठने की व्यवस्था नहीं है और बच्चों के लिए झूले तक नहीं हैं। स्थिति यह है कि पार्क अब मनोरंजन स्थल से ज्यादा बिजली विभाग के ट्रांसफार्मरों की जगह बनकर रह गया है। यहां चार ट्रांसफार्मर रखे हैं।
वार्ड के कई हिस्सों में बिजली के खंभे और तार घरों से सटे हुए हैं। बरसात के मौसम में करंट और अर्थिंग का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सिलेंडर चौराहे पर नाला निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी साफ दिखाई दी। निर्माण स्थल पर न बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि इस वजह से कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक नहीं चेता।
दलहन वाली रोड पर जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दिए। दुर्गंध और गंदगी से लोग परेशान हैं। इसके अलावा घरों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों का भी कोई निश्चित समय नहीं है। लोगों का कहना है कि कई बार गाड़ी एक-दो दिन तक नहीं आती, जिससे घरों में कूड़ा जमा रहता है।
आई ब्लॉक पार्क की बाउंड्रीवाल जर्जर है। पार्क में सफाई, हरियाली और बच्चों के लिए सुविधाओं का अभाव है।पार्क परिसर में चार ट्रांसफार्मर रखे गए हैं, जिससे स्थानीय लोग दुर्घटना की आशंका जता रहे हैं।
क्षेत्र में पानी की टंकी नहीं है। कई घरों में सप्लाई का पानी गंदा और बदबूदार आता है।
बिजली के खंभे और तारों का मकड़जाल घरों के छज्जों से सटाकर निकाला गया है। बरसात के मौसम में करंट और अर्थिंग का खतरा बना रहता है।
सिलेंडर चौराहे पर बिना सुरक्षा व्यवस्था के नाला निर्माण कार्य चल रहा है। इससे आने-जाने वालों को खतरा बना रहता है।
दलहन वाली रोड पर कूड़े के ढेर और अनियमित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
आवास विकास विनायकपुर निवासियों ने बताया कि कूड़े की गाड़ी रोज नहीं आती। उसके आने का कोई तय समय भी नहीं है। कई बार घर में कूड़ा जमा रखना पड़ता है। हेमलता कटियार ने बताया कि सप्लाई का पानी कई बार गंदा और बदबूदार आता है। इसमें सुधार होना चाहिए।
लक्ष्मी ने कहा बिजली के तार घरों से सटकर निकले हैं। हर समय हादसे का डर बना रहता है। आरती गुप्ता ने बताया कि मेरे घर के पास बिजली का खंभा लगा है। बरसात में अर्थिंग आती है। इसका समाधान होना चाहिए। संध्या दुबे ने कहा कि पार्क में कम से कम एक पानी की टंकी होनी चाहिए ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके।
संध्या शर्मा ने कहा “पार्क की बाउंड्री टूटी हुई है। यहां आवारा लड़के बैठते हैं। पार्क में बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा होनी चाहिए।”
पार्क परिसर में पंप हाउस तो बना है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि इसका कोई लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल रहा। वार्ड में पानी की टंकी नहीं होने के कारण गर्मियों में पेयजल संकट बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार सप्लाई का पानी गंदा और बदबूदार आता है, जिससे उन्हें निजी संसाधनों पर निर्भर होना पड़ता है।

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