• मिनटों में रिपोर्ट मिलने से मरीजों को नहीँ करना होगा घंटो इंतजार।

संवाददाता
कानपुर। शहर के सबसे बड़े हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। अब यहां के इमरजेंसी आईसीयू में ही आर्टेरियल ब्लड गैस जांच की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस आधुनिक जांच के शुरू होने से अब वेंटिलेटर और सांस की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
एबीजी जांच मरीज के फेफड़ों की कार्यक्षमता को बहुत बारीकी से मापती है। इससे शरीर के एसिड-बेस संतुलन और खून में ऑक्सीजन व कार्बन डाइऑक्साइड के एकदम सटीक लेवल का पता चलता है। जब कोई मरीज सांस की गंभीर तकलीफ, अनियंत्रित दिल की धड़कन या मेटाबॉलिक दिक्कतों के कारण आईसीयू में आता है, तो डॉक्टर के लिए यह जानना जरूरी होता है कि उसका शरीर अंदर से कैसा रिस्पॉन्स कर रहा है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि हैलट की इमरजेंसी में सिर्फ कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब 18 जिलों से रेफर होकर बेहद गंभीर मरीज आते हैं। कई बार मरीजों की हालत इतनी नाजुक होती है कि जांच रिपोर्ट आने में होने वाली थोड़ी सी भी देरी उनकी जान पर भारी पड़ जाती थी।
इससे इलाज प्रभावित होने का डर हमेशा बना रहता था। इसी बड़ी समस्या का स्थाई इलाज निकालने के लिए यह फैसला लिया गया है।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि गंभीर मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए अब इमरजेंसी में ही यह मशीन स्थापित की जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि 24 घंटे चलने वाली पैथोलॉजी के साथ-साथ यह एबीजी जांच सुविधा भी राउंड द क्लॉक यानी दिन-रात उपलब्ध रहेगी।
यानी अब रात के वक्त भी अगर कोई गंभीर मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर आता है, तो उसकी जांच के लिए बाहर नहीं भागना पड़ेगा। इस नई और आधुनिक सुविधा के शुरू होने से हैलट अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा हाईटेक और लाइफ-सेविंग साबित होगी।






