August 29, 2026

संवाददाता
कानपुर। सावन की फुहारों के बीच भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को कानपुर में उल्लास, उमंग और भावनाओं के रंग में सराबोर नजर आया। आसमान से बरसती बूंदें भी बहनों के कदम नहीं रोक सकीं। हाथों में राखी, पूजा की थाली और आंखों में भाई के लिए प्यार लिए बहनें सुबह से ही अपने भाइयों के घर पहुंची। कहीं भाई की कलाई पर रेशमी धागा सजा तो माथे पर बहन ने स्नेह का तिलक लगाया।
रक्षाबंधन पर बहनों ने विधि-विधान से भाइयों का तिलक करके उनकी कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधते समय बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि, उन्नति और लंबी आयु की कामना की। भाई भी इस पवित्र रिश्ते की डोर को मजबूत करते हुए बहनों की रक्षा, सम्मान और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लेते दिखाई दिए। इसके बाद भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। मिठाइयों की मिठास के साथ रिश्तों में भी अपनापन घुलता नजर आया।
कानपुर में सुबह से रुक-रुककर हुई बारिश के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बहनों के उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। छाते और बरसाती लेकर बहनें भाइयों के घर पहुंचती रहीं। कई  विवाहिता बहनें बारिश से बचते हुए वाहनों और सार्वजनिक परिवहन के सहारे मायके पहुंचीं। सड़कों पर जगह-जगह रक्षाबंधन की चहल-पहल और बाजारों में मिठाई व राखियों की खरीदारी का सिलसिला दिखाई दिया। मानो बारिश की हर बूंद भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट के आगे फीकी पड़ गई हो।
रक्षाबंधन का भावनात्मक दृश्य जेलों में भी देखने को मिला। जेल में निरुद्ध भाइयों की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए बहनें जेल पहुंचीं और भाइयों को राखी बांधी। मुलाकात के दौरान भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सलामती की दुआ की तो भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प दोहराया। कुछ पलों की इस मुलाकात में वर्षों पुरानी यादें और परिवार का अपनापन आंखों में छलकता नजर आया। भाई-बहन का रिश्ता केवल कलाई पर बंधे धागे तक सीमित नहीं, बल्कि भरोसे, जिम्मेदारी और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प है। बारिश हो या मुश्किलों की कोई और दीवार, सच्चे रिश्तों को कोई मौसम रोक नहीं सकता।

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