September 4, 2026

इस्कॉन और जेके मंदिर में भव्य झांकियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र।

संवाददाता

कानपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर्व का उल्लास शहर में चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार की आधी रात घर-घर नंदलाल के जन्म की खुशियां मनाई जाएंगी। जन्माष्टमी पर्व के मद्दे नज़र गुरुवार को कृष्ण और राधा मंदिरों में दिनभर तैयारियों का दौर चलता रहा। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। कान्हा के जन्म की घड़ी जैसे-जैसे करीब आएगी, वैसे-वैसे भक्तों का उत्साह भी बढ़ता जाएगा। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

शहर के प्रमुख इस्कॉन मंदिर कानपुर और जेके मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। दोनों मंदिरों में भव्य झांकियां सजाई जा रही हैं, जिनमें भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। मंदिर परिसर को फूलों और विद्युत झालरों से सजाकर भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक वातावरण तैयार किया गया है।

जन्माष्टमी के मद्देनजर गुरुवार को बड़ी संख्या में  कृष्ण के श्रद्धालु अपने घरों में भी लड्डू गोपाल की स्थापना और जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे रहे। बाजारों में भी कान्हा की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूले और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव विशेष विधि-विधान से मनाया जाएगा। मंदिरों में अभिषेक, आरती और भोग के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। कई घरों में भी कान्हा के जन्म के बाद पालना झुलाने और मंगलगीत गाने की परंपरा निभाई जाएगी।शहर में जगह-जगह सजाए गए कान्हा के झूले और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों में विशेष उत्साह है। कोई कान्हा की पोशाक में नजर आएगा तो कोई राधा का रूप धारण कर जन्मोत्सव की खुशियां मनाएगा।आधी रात जैसे ही ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ का जयघोष गूंजेगा, पूरा शहर कृष्ण भक्ति में सराबोर हो उठेगा।