
संवाददाता
कानपुर। एक महिला डाक्टर के क्लीनिक के इंटीरियर डेकोरेशन के पेमेंट को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने एक महिला डॉक्टर पर कार से लोगों को कुचलने का आरोप लगाया और कार में तोड़फोड़ कर दी।
घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंच गए और एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
डॉ. मधुलिका शुक्ला ने कहा- आरुष इंटीरियर वाला बड़ा गुंडा है। वो लोग बड़े-बड़े पत्थर लेकर आए और पूरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। मेरी चेन भी लूट ली और मेरे कपड़े भी खींचे।
कल्याणपुर के केशवपुरम के रहने वाले संजय यादव “आरुष इंटीरियर” नाम से फर्म संचालित करते हैं। उन्होंने केशव वाटिका के पास डॉ. मधुलिका शुक्ला के क्लीनिक में करीब डेढ़ लाख रुपए का इंटीरियर किया। संजय ने बताया कि किसी तरह उन्होंने मेरा पेमेंट किया। लेकिन इलेक्ट्रिशियन राज का लगभग 3 हजार रुपए पेमेंट नहीं किया।
राज ने डॉ. मधुलिका को पेमेंट के लिए फोन किया। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। इसके बाद राज ने मुझे पूरी बात बताई। मैंने राज को अपने पास से पेमेंट कर दिया।
संजय यादव का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में डॉ. मधुलिका से बात की तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस चौकी में तहरीर देकर शिकायत की। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो गया था।
संजय यादव ने बताया कि l डॉ. मधुलिका ने सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ फोटो पोस्ट कर दिया। इससे नाराज होकर मैंने दोबारा पुलिस से शिकायत की। देर शाम मामले को लेकर फिर तहरीर दी गई।
संजय ने बताया कि डॉ. मधुलिका अपने साथियों के साथ संजय यादव के घर के बाहर पहुंचीं और वहां का वीडियो बनाने लगीं। इसकी जानकारी मिलने पर संजय यादव और उनके परिवार के लोग बाहर आ गए।
इस दौरान डॉ. मधुलिका मेरी पत्नी और बच्चों का वीडियो बनाने लगीं। जब पत्नी ने पूरा मामला पूछा तो डॉ. मधुलिका, उनकी बहन दीपिका तथा एक अन्य व्यक्ति कार में बैठ गए और वाहन को अंदर से लॉक कर लिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और कार को चारों ओर से घेर लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ से निकलने के प्रयास में डॉक्टर ने कार आगे बढ़ाई और संजय यादव की पत्नी प्रियंका यादव समेत कुछ लोगों को कुचलने का प्रयास किया गया। इससे नाराज लोगों ने कार पर हमला बोल दिया और वाहन के शीशे व अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डॉ. मधुलिका शुक्ला ने बताया- मैं मरीज देख रही थी। रात में 11 बजे गए तो मैंने अपने भाई और दीदी को बुला लिया। इतने में आरुष इंटीरियर वाला आया। बड़े-बड़े पत्थर लेकर आए और पूरी गाड़ी के शीशे तोड़ दिया है। मेरी चेन भी लूट ली और मेरे कपड़े भी खींचे।
आरुष इंटीरियर का कोई पेमेंट मेरे पर बकाया नहीं है सभी रसीद मेरे पास है। मैंने पुलिस में कम्पलेंट की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मैंने क्लीनिक के डिस्पले को लेकर कहा कि अच्छा काम नहीं हुआ है तो कहता है कि मैं तुम्हारा डिस्प्ले बिगाड़ दूंगा।
डीसीपी पश्चिम एस एम क़ासिम अबिदी ने बताया-
प्रारंभिक जांच में कार चढ़ाने की बात सत्य नहीं पाई गई है। मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।






