• 10 साल का हुआ ऐतिहासिक करार, अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और आधुनिक सुविधाओं से निखरेगा खिलाड़ियों का हुनर।

संवाददाता
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने खेलों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के साथ 10 वर्षीय अनुबंध किया है। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर स्थित क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स हॉस्टल के संचालन, रखरखाव तथा तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी यूपीसीए संभालेगा। समझौते का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट का बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। इस साझेदारी से विश्वविद्यालय में क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उच्चस्तरीय अवसर प्रदान करने की राह मजबूत होगी।

विश्वविद्यालय परिसर में स्थित क्रिकेट स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। मुख्य मैदान में सात विशेष टर्फ विकेट तैयार किए गए हैं, जिनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी, कालाहांडी की काली मिट्टी, उन्नाव की काली मिट्टी और मिश्रित मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। करीब 85 मीटर × 75 मीटर के मैदान में ‘टिफवे बरमूडा’ घास और सैंड-प्रोफाइल तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे बारिश के पानी की निकासी तेजी से हो सके और खेल गतिविधियां प्रभावित न हों।समझौते में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। विश्वविद्यालय की क्रिकेट टीम और प्रस्तावित क्रिकेट अकादमी के खिलाड़ियों को दैनिक अभ्यास, प्रशिक्षण और ट्रायल में प्राथमिकता मिलेगी। यूपीसीए अपने खर्च पर प्रमाणित एवं उच्चस्तरीय मुख्य कोच की नियुक्ति भी करेगा। अकादमी से होने वाली समस्त आय पर विश्वविद्यालय का अधिकार रहेगा। शनिवार और रविवार को मैदान के उपयोग का पूरा अधिकार विश्वविद्यालय के पास होगा, जबकि व्यावसायिक बुकिंग से प्राप्त होने वाला पूरा राजस्व भी विश्वविद्यालय के खाते में जमा किया जाएगा।
वित्तीय प्रावधानों के तहत यूपीसीए विश्वविद्यालय को क्रिकेट स्टेडियम के लिए 75 हजार रुपये प्रतिमाह और 50 बेड की क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह शुल्क देगा। इन शुल्कों पर नियमानुसार जीएसटी अतिरिक्त होगा। हॉस्टल की क्षमता 100 बेड होने पर उसका मासिक शुल्क बढ़कर ढाई लाख रुपये हो जाएगा। अनुबंध के अनुसार प्रत्येक पांच वर्ष में शुल्क में 25 प्रतिशत की वृद्धि भी की जाएगी।
विश्वविद्यालय के पास रहेगा सर्वोच्च प्रशासनिक नियंत्रण
समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्टेडियम, हॉस्टल और खेल परिसर पर सर्वोच्च प्रशासनिक नियंत्रण विश्वविद्यालय प्रशासन का ही रहेगा। यूपीसीए को किसी भी परिस्थिति में स्थायी पट्टाधारक अधिकार नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकार और संपत्तियों पर उसका नियंत्रण सुरक्षित रहेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह साझेदारी शिक्षा के साथ खेलों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनरी, अंतरराष्ट्रीय स्तर की पिचों और उच्चस्तरीय कोचिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में क्रिकेट प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह स्टेडियम उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी उत्कृष्ट क्रिकेट प्रतिभाएं तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।






