
संवाददाता
कानपुर। कचहरी में बुधवार को वकीलों ने पूरी तरह काम ठप कर दिया। बार एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों वकील सुबह से ही परिसर में जुट गए और “अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए अदालतों, रजिस्ट्री दफ्तर, फोटोकॉपी और स्टाम्प वेंडरों की दुकानें बंद करा दीं।
वकील अदालतों में घूम-घूमकर साथियों से काम न करने की अपील करते रहे। जो वकील काम करता मिला, उसकी दोनों एसोसिएशनों से सदस्यता निलंबित करने की चेतावनी पहले ही दी गई थी।
दूर-दराज से आए वादकारियों को वकीलों ने कहा – “आज खुद जाकर तारीख ले लो”। कई लोग बिना सुनवाई के ही मायूस होकर लौट गए। रजिस्ट्री के करीब 150 काम भी नहीं हो सके।
10-11 सितंबर को कानपुर में हुए दो दिवसीय प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन में 15 मांगों पर प्रस्ताव पास हुआ था। मांगों में अधिवक्ता सुरक्षा कानून, 50 लाख सहायता राशि, पेंशन, हाईकोर्ट बेंच और हाईकोर्ट द्वारा हड़ताल पर जारी नोटिसों को वापस लेना शामिल है। सरकार के मांगे न मानने पर हर बुधवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार का फैसला लिया गया है।
बार अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी और लॉयर्स अध्यक्ष दिनेश वर्मा ने कहा – मांगे पूरी होने तक हर बुधवार हड़ताल जारी रहेगी।






