May 13, 2026

संवाददाता
कानपुर। शातिरों ने सर्राफ को धमकाते हुए कहा कि ‘ए  इधर आओ, मैं सीबीआई अफसर…बैग में बम लेकर घूम लेकर घूम रहे हो, लाओ बैग चेक कराओ… क्योंकि सूचना मिली है कि, बिरहाना रोड में कुछ लोग बैग में बम लेकर धमाका करना चाहते हैं। ‘
इन चंद लाइनों के जरिए शातिरों ने सर्राफ को अपने जाल में फंसाया और जबरन बैग छीन लिया। साथी कर्मचारी के विरोध करने पर उसे तीन थप्पड़ मार कर चुप रहने की सलाह दी। इसके बाद शातिर सोने का हार समेत करीब 13 लाख के जेवर लूट ले गए। जेवर गायब देखकर  पीड़ित ने फीलखाना थाने में शिकायत की है।
पनकी सी ब्लॉक निवासी अवनीश मिश्रा की पनकी पॉवर हाउस में त्रिमूर्ति ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। अवनीश ने बताया कि उसने बिरहाना रोड स्थित एक दुकान में रिपेयरिंग व फिनिशिंग के लिए जेवर दिए थे। वह अपने साथी कर्मचारी आशीष मिश्रा के साथ जेवर उठाकर फूलबाग में खड़ी बाइक के पास जा रहे थे।
तभी कृष्णा ज्वेलर्स के सामने एक शातिर ने उन्हें रोका और कहा इधर आओ साहब बुला रहे है, जो कि सीबीआई अफसर है। इससे पहले कि न बोलते, शातिर हाथ पकड़ कर अपने दूसरे साथी के पास ले गया। वहां पहुुंचने पर उसने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए कहा कि कुछ लोग बैग में बम लेकर घूम रहे हैं, जिनका मकसद धमाका करना है… लाओ बैग चेक कराओ।
जबरन बैग लेने पर आशीष ने एतराज जताया तो उसे 3 थप्पड़ मार चुप रहने का अल्टीमेटम दिया। इस दौरान बैग के अंदर की एक जेब में रखा बॉक्स उड़ा लिया और चेकिंग के दौरान अवनीश बैग छीनकर एक ज्वेलर्स की दुकान में घुस गया।
दुकानदार को जानकारी दी तो वह भाग निकले थे। अवनीश ने बताया कि, बॉक्स में सोने के दो हार, चार कंगन, नथुनी समेत करीब 13 लाख माल लूटकर भाग निकले। फीलखाना थाना प्रभारी अजय मिश्रा ने बताया कि तहरीर घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
अवनीश ने बताया कि चेकिंन के दौरान जब कर्मचारी आशीष ने एतराज जताया तो उसे पहले मारा, फिर शातिर ने अपने साथी से कहा कि इनको जीप में भरो और थाने ले चलो। देखते है कि वहां कितना मुंह चलाते है। यह सुन सर्राफ सहम गया, इसके बाद उसने चेकिंग करने की दी।
चेकिंन के दौरान जब अवनीश ने कहा कि, सर इसमें सोना है बस बाकी कुछ नहीं। यह सुन शातिरों ने कि तुम लोग दुबई से सोना लाकर यहां स्मगलिंग कर रहे हो, अब तो तुमको जेल होगी। इसके बाद कर्मचारी आशीष का बैग भी चेक करने की कोशिश की। गनीमत रही कि, हम दोनों वहां से एक दुकान में घुस गए। ऐसा करने से बैग में रखा 3 लाख का माल बच गया।

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