
संवाददाता
कानपुर। आज संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने निजीकरण के विरुद्ध सांसद देवेंद्र सिंह भोले के निवास पर मिलकर ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रतिनिधिमंडल की निजीकरण के संबंध में सांसद से विस्तृत चर्चा हुई जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूरे प्रदेश में ऐसी व्यवस्था नहीं है तो कानपुर में क्यों ऐसा किया जा रहा है। यह सरकार की नीतियों के विरुद्ध है।
सांसद ने प्रतिनिधिमंडल को पुनः वार्ता हेतु 2 मई को
बुलाया है।
इससे पहले संघर्ष समिति ने नगर आयुक्त महोदय को 22 अप्रैल को नोटिस देकर वार्ता के लिए आग्रह किया था, लेकिन संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल से आज तक कोई वार्ता नहीं हुई जिससे आम कर्मचारियों में रोष व्याप्त है, जिसको दृष्टिगत रखते हुए 30 अप्रैल 2026 को निजीकरण के विरुद्ध 2:00 बजे से नगर निगम मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना देकर नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकर्षण कराया जाएगा।
समिति के नेताओं ने मोतीझील में आकस्मिक बैठक करके कहा कि 30 तारीख को धरने की सफलता के लिए पोस्टर, होडिंग एवं पंपलेट छप गया है, समस्त कार्यकर्ता जाकर कर्मचारियों से संपर्क करें।
अंत में निर्णय लिया गया कि निजीकरण के संबंध में समस्त विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर नगर निगम प्रशासन के मनमानी रवैए से अवगत कराया जाएगा।
अब चुनाव नजदीक आगया हैं, इस आंदोलन को गंभीरता से लेकर समाधान कराया जाए, अन्यथा 30 तारीख को बड़े आंदोलन का निर्णय हेतु विवश होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधि मंडल में जयपाल सिंह, हरिओम वाल्मीकि, रमाकांत मिश्रा, विनोद रावत, धीरज गुप्ता, कमरुद्दीन, मुन्ना हजारिया, पिंटू चौधरी, मुकेश वाल्मीकि, देवीदिन भाऊ, किशोर सागर, राजेंद्र बाल्मीकि, अखिलेश सिंह, अजीत बाघमार, सुधाकर मिश्रा, रमेश अंबेडकर,रमेश कुमार, हरिशंकर शुक्ला, युसूफ भाई,सुनील सुमन,चमन खन्ना,बजरंगी लाल, सुमिंद्र कुमार, आदेश शुक्ला, सी एल बड़ेल, नीलू निगम, संजय हजारिया आदि लोग उपस्थित थे।






