June 20, 2026

संवाददाता
कानपुर।
  उत्तर प्रदेश में वाईफाई स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना है। इन मीटरों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत कानपुर शहर में सबसे पहले लगाना शुरू किया जाना है। इन नए मीटरों में 4जी नेटवर्क के दो सिम होंगे। इससे उपभोक्ता और बिजली विभाग को फायदा मिलेगा ।
इन स्मार्ट मीटरों की खास बात यह है कि अगर इंटरनेट की समस्या के कारण मोबाइल से बिल जमा नहीं हो पा रहा है, तो उपभोक्ता मीटर में लगे वाईफाई बटन को क्लिक करके मोबाइल से कनेक्ट कर रिचार्ज कर सकेंगे। बैलेंस खत्म होने पर रिचार्ज न होने की समस्या को देखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है। इससे अलर्ट मैसेज न मिलने और सर्वर को डेटा भेजने में देरी से होने वाली कनेक्शन और डिस्कनेक्शन की समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
कानपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 24 हजार नई तकनीक के स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इन मीटरों को लगाने की जिम्मेदारी जीनस कंपनी को दी गई है। कंपनी को यह काम सवा साल में पूरा करना है। शुरुआत में सिविल लाइंस और माल रोड में इन मीटरों को लगाने का काम शुरू किया गया है।
इन नए स्मार्ट मीटरों में जियो और एयरटेल के सिम लगे हुए हैं। इन सिम की विशेषता है कि यदि एक सिम में नेटवर्क कम होगा तो दूसरा सिम अपने आप ऑटो स्विच होकर मजबूत नेटवर्क प्रदान करेगा। इस प्रक्रिया से स्मार्ट मीटर हमेशा नेटवर्क में रहेगा और खर्च हुई बिजली का डेटा सर्वर पर भेजता रहेगा।
वर्तमान में शहर के अधिक लाइनलास वाले बिजलीघर, आलू मंडी, नवाबगंज और जरीब चौकी डिवीजन क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों से लगे डेढ़ लाख स्मार्ट मीटरों में टूजी नेटवर्क के वोडाफोन सिम लगे हुए हैं, जिनमें बैलेंस का अलर्ट मैसेज न आने की समस्या आती रहती है।
स्मार्ट मीटर वर्तमान में केस्को की वेबसाइट और ऐप से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि कोई इन मीटरों में किसी माध्यम से बिजली चोरी का प्रयास करता है तो उसकी रिपोर्ट अपने आप केस्को की वेबसाइट और एप पर पहुंच जाएगी। 

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