
संवाददाता
कानपुर। शादी कराने का झांसा देकर एक दिहाड़ी मजदूर से लाखों रुपये ठगने के मामले में साइबर थाने में तीन युवतियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि युवतियों ने शादी का भरोसा दिलाकर बाराबंकी के एक मजदूर से करीब 4 लाख रुपए हड़प लिए और बाद में शादी करने से इंकार कर दिया।
बाराबंकी के रामनगर निवासी चंद्रेश दिहाड़ी मजदूरी कर अपना गुजारा करता है। उसकी उम्र करीब 40 साल है और वह शादी करके परिवार बसाना चाहता था। इसी दौरान उसके पास प्रीती नाम की युवती का फोन आया। उसने खुद को मैरिज ब्यूरो से जुड़ा बताते हुए शादी कराने का भरोसा दिलाया।
चंद्रेश के मुताबिक सबसे पहले मैरिज ब्यूरो में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर उससे 3 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद एक युवती की फोटो भेजी गई। फोटो पसंद आने पर लड़की का मोबाइल नंबर देने के लिए 4 हजार रुपये और मांगे गए। चंद्रेश ने रकम जमा कर दी।
इसके बाद अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे मांगे जाते रहे। कभी प्रोफाइल शुल्क, कभी प्रक्रिया शुल्क तो कभी अन्य खर्चों का हवाला देकर उससे रुपये जमा कराए गए। चंद्रेश मजदूरी से जोड़ी गई अपनी बचत इन लोगों को देता रहा।
चंद्रेश ने बताया कि उसकी फोन पर लड़की से बात कराई गई। बाद में लड़की की कथित मां से भी बातचीत कराई गई, जिन्होंने शादी के लिए सहमति जता दी। इससे उसे भरोसा हो गया कि रिश्ता तय हो जाएगा। इसी भरोसे में वह लगातार पैसे देता रहा। लेकिन कुछ समय बाद लड़की ने कम आय का हवाला देकर शादी से इंकार कर दिया।
जब चंद्रेश ने मैरिज ब्यूरो से संपर्क किया तो उसकी बात राधिका और पूर्वी नाम की युवतियों से कराई गई। उन्होंने भी शादी कराने का भरोसा दिया और अलग-अलग मदों में रुपये लिए। हालांकि बाद में उन्होंने भी शादी कराने से मना कर दिया। चंद्रेश का आरोप है कि इस पूरे खेल में उसकी करीब 4 लाख रुपये की जमा पूंजी ठग ली गई।
ठगी का एहसास होने पर चंद्रेश ने 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करी । शिकायत की जांच के बाद साइबर थाने में राधिका, पूर्वी और प्रीती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि आरोपियों का मनी ट्रेल देखा जा रहा है। एसबीआई, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीएफसी में खुले 7 खातों की डिटेल मांगी गई है। इसके लिए ईमेल किया गया है। 4 खातों की डिटेल क्राइम ब्रांच को मिल चुकी है जिसमें अब तक 41 लाख का ट्रांजेक्शन मिला है। यह पूरा पैसा खातों से निकाला जा चुका है।
भिलाई का रहने वाला रंजीश कुमार गौड़ कानपुर के नौबस्ता और किदवई नगर में परफेक्ट रिश्ते, शादी मैच इंडिया और शादी मैचिंग के नाम से मैरिज ब्यूरो चला रहा था। लोगों को फंसाने के लिए उसने कॉल सेंटर खोल रखा था जिसमें 23 युवतियां काम करती थीं। शादी के इच्छुक लोगों को एआई जेनरेटेड युवतियों की फोटो भेजी जाती थी। जिसकी जितनी उम्र उसे उसी के अनुरूप युवती अथवा महिला की फोटो आरोपी भेजता था।
कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां ही बात करती थीं और 5 से 20 हजार तक के गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम पैकेज देकर फंसाती थी। इसके बाद युवतियां मैरिज काउंसलर, रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर युवकों की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी लेती थीं। फिर रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोफाइल निर्माण शुल्क, मैरिज मैचिंग शुल्क पारिवारिक सहमति शुल्क, सुरक्षा जमाराशि, दस्तावेज सत्यापन शुल्क और अन्य तरीके के शुल्क वसूले जाते थे।
अंत में लड़की शादी से इंकार कर देती थी और शादी का इच्छुक व्यक्ति ठगा रह जाता था। पुलिस ने रंजीश को जेल भेज दिया है।





