
संवाददाता
कानपुर। उर्सला अस्पताल में मंगलवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान उन्हें 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मचारी गायब मिले। जबकि घूम रहे 2 दलालो को भी डीएम की टीम ने पकड़ा।
मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। जांच में सामने आया कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर डीएम ने फटकार लगाई और दवाएं बाहर से लिखने पर रोक लगा दी।
डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने सुबह एडीएम सिटी राजेश कुमार सिंह के साथ उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जब उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तो सामने आया कि 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मी बगैर कोई सूचना दिए ड्यूटी से नदारद हैं।
जांच में पता चला कि इन डॉक्टरों ने छुट्टी के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। इस दौरान ओपीडी में देखने को मिला कि कई मरीज घंटों से इंतजार कर रहे थे और डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
डीएम ने ओपीडी में दिखाकर जा रही महिला से रोककर पूछा और उनका पर्चा देखा। तब सामने आया कि उर्सला के डॉक्टर बाहर की दवाएं भी लिख रहे हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बाहर से दवाएं लिखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
इतना ही नहीं डीएम की टीम ने दो दलालों को भी मौके से पकड़ा। दोनों दलाल मरीजों को निजी अस्पताल में एडमिट कराने व रुपए लेकर अच्छा इलाज कराने समेत अन्य प्रलोभन देकर गुमराह कर रहे थे।
डीएम ने उर्सला के सीएमएस बाल चंद्र पाल को फटकार लगाते हुए व्यवस्था को बेहतर करने की चेतावनी दी। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि दलाल अस्पताल में नहीं भटकने चाहिए और डॉक्टरों का बाहर से दवा लिखवाने पर पूरी तरह से रोक लगा दीजिए। इसके साथ ही अनुपस्थित डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों का 1 दिन का वेतन काटने के साथ ही सभी से स्पष्टीकरण लेने का आदेश जारी किया है।
अनुपस्थित डॉक्टरो में डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. महेश कुमार, डॉ. प्रीती मेहता, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अरुण प्रकाश, डॉ. आरसी यादव, डॉ. बीसी पॉल, डॉ. राजकिशोर, डॉ. एके कनौजिया, डॉ. बृजेंद्र कुमार शुक्ला, डॉ. सूरज शिवहरे, डॉ. अल्तमस खान, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. अपूर्व गुप्ता, डॉ. गीता पोरवाल, बीके सिंह, आरपी गुप्ता, अरुणेश सिंह, पैरामेडिकल स्टाफ दयाशंकर, नीलू, अमित सोनकर, रजनीश समेत 32 कार्मिक अनुपस्थित मिले।






