
संवाददाता
कानपुर। कल्याणपुर में एक हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में शव रखकर जमकर हंगामा किया। पुलिस कई घंटे तक परिजनों को समझाती रही। लेकिन परिजन शव रखकर हंगामा काटते रहे। चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे तो परिजन उनपर भड़क गए। चौकी प्रभारी के साथ मारपीट की। उनकी वर्दी फाड़ दी। जब महिला पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो उनसे भी मारपीट कर दी। मारपीट में चौकी प्रभारी सहित तीन महिला पुलिसकर्मी भी घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लिया। हालांकि देर रात पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
कन्नौज के निजामपुर गढ़िया गांव में रहने वाले गौरव सिंह प्राइवेट जॉब करने के साथ ही खेती करवाते थे। गौरव के पिता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उन्हें पाइल्स की शिकायत होने के चलते ब्लीडिंग हो रही थी। इस वजह से उन्हें कल्याणपुर पनकी रोड स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल में एडमिट कराया था।
एडमिट कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा, लेकिन शरीर में खून की कमी के चलते ऑपरेशन से पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाना होगा। एक यूनिट ब्लड चढ़ने के बाद भी गौरव की हालत गंभीर होती चली गई। इंजेक्शन लगाने के बाद 2:50 बजे देर रात अचानक गौरव की सांसे थम गई।
मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर कल्याणपुर थाने की पुलिस भी पहुंची, लेकिन मृतक के परिवार वालों ने कहा कि गांव से लोगों के आने के बाद ही कुछ निर्णय लेंगे कि उन्हें शव लेकर गांव जाना है या फिर तहरीर देकर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करवानी है।
इसके बाद गौरव सिंह के परिवार की महिलाएं और पुरुष समेत 25 से 30 लोग पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझाने व शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। इससे परिवार की महिलाएं भड़क गईं और वहां मौजूद कल्याणपुर थाने के पनकी रोड चौकी इंचार्ज विपिन मोरल को पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।
महिलाओं ने चौकी इंचार्ज को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, यहां तक कि उनकी वर्दी भी फाड़ डाली। इस दौरान वहां मौजूद महिला दरोगा सुचि अग्रवाल और सुचि के साथ महिला कांस्टेबल ने महिलाओं को रोकने का प्रयास किया तो महिला दरोगा व कांस्टेबल को भी भीड़ ने पीट दिया। यहां तक कि महिला पुलिस कर्मियों की हाथ में काट लिया। मारपीट के दौरान महिला पुलिस कर्मी भी घायल हो गईं।
इस दौरान दरोगा विपिन ने भीड़ के चंगुल से किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और पैदल भागते हुए ही थाने पर सूचना दी कि फोर्स के ऊपर जानलेवा हमला हो गया है।
दरोगा ने मारपीट की सूचना दी तो कल्याणपुर थाने में डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी, एसीपी आशुतोष कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। हमले की जानकारी मिलते ही डीसीपी प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस फोर्स ने वहां मौजूद पुलिस से मारपीट करने वाली महिलाओं और पुरुषों को घेर लिया।
मौके से 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं देर रात पुलिस ने सभी को छोड़ दिया है।
परिवार के लोगों ने बताया कि गौरव को पाइल्स के इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट कराया था, आरोप है कि गलत इलाज के चलते उनके बेटे की मौत हुई है। हॉस्पिटल संचालक विक्रम और अजीत के साथ ही इलाज कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
उनका कहना है कि मामूली बीमारी में झोलाछाप डॉक्टरों ने उनकी जान ली है। इसके साथ ही सीएमओ से इस हॉस्पिटल की जांच करने के साथ ही लाइसेंस सस्पेंड करने की मांग की है।






