
संवाददाता
कानपुर। घाटमपुर थाना क्षेत्र के ललईपुर गांव में पैतृक भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया। आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद दबंगों ने रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन और चार पहिया वाहनों के साथ पहुंचकर पैतृक भूमि पर हो रहे निर्माण और बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया। घटना के बाद पीड़ित ने थाने में तहरीर देने के साथ उच्चाधिकारियों से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की है।
ललईपुर गांव निवासी संदीप निगम उर्फ मोनू ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि गांव के हाइवे किनारे स्थित गाटा संख्या 700 क उनकी पैतृक भूमि है। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग इस जमीन को गाटा संख्या 704 बताकर उस पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उक्त भूमि पर वर्षों से उनकी बाउंड्री और गेट लगे हुए हैं, जिससे उनका स्वामित्व स्पष्ट होता है।
संदीप के अनुसार, भूमि विवाद के चलते तहसील प्रशासन ने जांच कराई गई थी, जिसमें संबंधित गाटा संख्या 700 क की भूमि उनके नाम की पाई गई, जबकि दूसरे पक्ष की भूमि कुछ दूरी पर चिन्हित हुई। इसके बावजूद विवाद बढ़ने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने तहसील की रिपोर्ट के आधार पर भूमि स्वामी को निर्माण कराने की अनुमति देते हुए आदेश जारी किया था।
पीड़ित का आरोप है कि देर रात करीब 10 से 15 लोग दो चार पहिया वाहनों और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने पहले बाउंड्री को तोड़ा और फिर न्यायालय के आदेश पर कराए जा रहे निर्माण को भी गिरा दिया। घटना को अंजाम देने के बाद सभी लोग मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण उसकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि न्यायालय और तहसील प्रशासन की रिपोर्ट उसके पक्ष में है।
घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। तहरीर के आधार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





