• सामाजिक संगठन कर रहे है बेसहारा बच्चों की मदद।

संवाददाता
कानपुर। अपनी चाची की प्रताड़ना से तंग आकर पुलिस को कॉल करने वाले बच्चों की सहायता के लिए लगातार सामाजिक संगठन आगे आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने बच्चों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने न सिर्फ मदद की अपील की, बल्कि क्राउड फंडिंग के जरिए समाज को जोड़कर एक मानवीय अभियान खड़ा कर दिया।
लोगों ने दिल खोलकर बच्चों को सहयोग दिया। इसी सहयोग राशि से बच्चों को एक कूलर, टीवी और मोबाइल फोन भेंट किया गया है ।
जैसे ही टीवी चालू हुआ और स्क्रीन पर रंग-बिरंगे कार्टून दिखाई देने लगे, तो बच्चों की आंखों में पहली बार खुशी झलक उठी। वह कमरा, जो अब तक सिर्फ गर्मी और उदासी को ही जानता था, अचानक हंसी से भर गया।
बच्चे उत्साहित होकर बोले- अब हम भी डोरेमोन देखेंगे, गेम खेलेंगे और ठंडी हवा में आराम से सो पाएंगे।” चार वर्षीय मासूम बच्चा मोगली कार्टून देखकर इतना खुश हुआ कि उसकी मासूम हंसी ने पूरे माहौल को बदल दिया। यह वही बच्चा था, जिसने शायद लंबे समय से सुकून की नींद नहीं देखी थी।
14 वर्षीय किशोर मोबाइल फोन पाकर भावुक हो गया। उसने कांपते हाथों से फोन पकड़ा और कहा—“अब हम इसमें सभी अधिकारियों के नंबर सेव कर लेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क कर सकें। पहले मदद मांगने के लिए कोई साधन नहीं था, लेकिन अब यह मोबाइल हमारे लिए सुरक्षा का जरिया बन गया है।
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के कानपुर जिलाध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया कि बच्चों ने जो भी इच्छाएं जताई थीं, उन्हें व्यापार मंडल की टीम ने पूरा करने का एक छोटा सा प्रयास किया है।
महेश वर्मा ने कहा कि वह लगातार बच्चों के संपर्क में रहेंगे, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही बच्चों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया।





