कर्मचारी संघर्ष समिति ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन।
संवाददाता
कानपुर। नगर निगम में टेंडर प्रकरण की एसआईटी जांच को लेकर संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति ने नाराजगी जताई है। समिति के एक शिष्ट प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा।
रमाकांत मिश्र के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि शासन के निर्देश पर एसआईटी जांच कर रही है, जिसमें काफी संख्या में पुलिस बल के साथ बार-बार नगर निगम परिसर में प्रवेश कर मुख्य अभियंता कार्यालय में बैठकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जो आपत्तिजनक है। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल है और कई कर्मचारी मुख्यालय से बाहर रह जाते हैं। पुलिस बल के लगातार कार्यालय परिसर में रहने से विकास कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
समिति ने आरोप लगाया कि उक्त प्रकरण की आड़ में कई कर्मचारियों का निलंबन भी किया गया है, जिससे कर्मचारियों में स्वाभाविक रोष है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि प्रकरण की जांच दो विभागों से की जा रही है। एक पुलिस विभाग से गठित एसआईटी और दूसरी कानपुर मंडलायुक्त से मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति। मंडलायुक्त की गठित समिति में तकनीकी रूप से विज्ञ अभियंता भी शामिल हैं, जो न्यायसंगत है, जबकि पुलिस की एसआईटी में मुख्य अभियंता स्तर का कोई भी तकनीकी अधिकारी नहीं है, जबकि प्रकरण की जांच पूरी तरह तकनीकी बिंदुओं पर आधारित है।
समिति ने कहा कि कुछ अराजक तत्वों की कर्मचारियों की फर्जी शिकायत एसआईटी से की जा रही है, जिसे जांच में शामिल करके उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कर्मचारी स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पा रहा है।
संघर्ष समिति ने मांग की है कि उचित और न्यायप्रिय कार्रवाई की जाए ताकि नगर निगम का कार्य प्रभावित न हो और कर्मचारी सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्य कर सकें।






