June 30, 2026

संवाददाता

कानपुर।  जाजमऊ स्थित नए गंगापुल की मरम्मत शुरू होते ही  कानपुर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रात 10 बजे से लागू तीन दिवसीय डायवर्जन के कुछ ही देर बाद रामादेवी चौराहे से लेकर नौबस्ता और जाजमऊ की ओर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हाईवे पर सैकड़ों ट्रक, डंपर, बसें और छोटे वाहन घंटों रेंगते रहे। सबसे अधिक परेशानी लखनऊ जाने वाले यात्रियों और भारी वाहन चालकों को उठानी पड़ी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जाजमऊ के नए गंगापुल पर 40 मीटर हिस्से की सड़क की मरम्मत के लिए शुक्रवार रात 10 बजे से 29 जून सुबह 8 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। रात में ही मरम्मत काम हो रहा। इस दौरान भारी और व्यावसायिक वाहनों की पुल से आवाजाही पूरी तरह बंद रखी जा रही है, जबकि हल्के वाहनों को एक लेन से नियंत्रित तरीके से निकाला जाएगा। 

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार बरसात के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। पहले मिलिंग मशीन से खराब परत हटाई जाएगी, इसके बाद नई लेयर बिछाई जाएगी।

डायवर्जन लागू होते ही सबसे खराब स्थिति रामादेवी चौराहे पर देखने को मिली। इटावा, झांसी और फतेहपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे लंबी कतारें लग गईं। नौबस्ता से रामादेवी और जाजमऊ तक वाहन रेंगते रहे। ट्रैफिक पुलिस लगातार व्यवस्था संभालने में जुटी रही, लेकिन वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि जाम देर रात तक बना रहा।

लखनऊ जाने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। डायवर्जन के कारण कई रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। काफी देर तक सीधी बस नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने मजबूरी में फतेहपुर जाने वाली बस पकड़ी और वहां से लखनऊ के लिए रवाना हुए। बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की भीड़ देर रात तक बनी रही।

जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने रोडवेज बसों को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए रास्ता खाली कराया। पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग हटाकर बसों को हरजिंदर नगर-जाजमऊ मार्ग से लखनऊ की ओर रवाना कराया, जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिली। हालांकि अन्य वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक नौबस्ता-रामादेवी फ्लाईओवर पर रॉन्ग साइड से निकलने लगे। इससे फ्लाईओवर के नीचे और आसपास का ट्रैफिक पूरी तरह उलझ गया। पुलिस ने कई बार ऐसे वाहन चालकों को रोककर वापस भेजा, लेकिन नियम तोड़ने वालों की वजह से जाम और बढ़ता गया।

घाटमपुर निवासी डंपर चालक अतुल पाल ने बताया कि वह कबरई से मौरंग लेकर लखनऊ जा रहे थे। डायवर्जन की जानकारी होने के बावजूद नौबस्ता से रामादेवी तक लंबे जाम में फंस गए। किसी तरह रामादेवी पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी। उन्होंने कहा कि इससे ट्रक और डंपर चालकों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और भारी वाहन चालक पहले से तय वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। पुलिस का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक डायवर्जन व्यवस्था सख्ती से लागू रहेगी, ताकि काम समय पर पूरा हो सके और भविष्य में यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।