June 27, 2026

संवाददाता

कानपुर। लखनऊ के अलीगंज में तिमंजिला बिल्डिंग में लगी आग के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से तीन दिवसीय जागरूकता व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पुलिस ऑफिस में किया गया। पहले दिन 85 कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। बैठक में केस्को के एक्सईएन सुशील कुमार ने 15 साल पुरानी वायरिंग पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि आर्म्ड केबिल का इस्तेमाल किया जाए। मीटर के लोड के अनुसार ही वायरिंग कराई जाए। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी से पुरानी वायरिंग में हीट होने की वजह से अग्निकांड होते हैं। इसके साथ ही सिविल डिफेंस की ओर से आग लगने पर उसके बचाव पर प्रशिक्षण दिया गया।

अग्निशमन विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान के पहले दिन पुलिस कमिश्नर कार्यालय स्थित पुलिस सभागार में शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान आग लगने की स्थिति में बचाव, सुरक्षा उपायों और आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण शिविर में अग्निशमन विशेषज्ञों ने कोचिंग संचालकों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही और सुरक्षित उपयोग की विधि समझायी। साथ ही भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में मौजूद सिविल डिफेंस के विमलेश यादव ने बताया कि किसी भी दुर्घटना के दौरान शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और अगर प्रशिक्षित व्यक्ति तत्काल सही कदम उठाए तो बड़े हादसे को टाला जा सकता है। शिविर के दौरान संचालकों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि फायर एक्सटिंग्विशर चलाने, आग पर शुरुआती नियंत्रण पाने और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी कराई गई।

अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, नियमित रखरखाव तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि किसी भी आपदा के समय प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सके।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि यह अभियान लोगों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में कोचिंग संस्थानों के संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि आगामी दिनों में अन्य शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संबंधित लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हाल के अग्निकांडों से मिली सीख को देखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन समय की आवश्यकता है। यदि संस्थान पहले से तैयार रहें और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण मिले तो किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अभियान के माध्यम से शहर में अग्नि सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करने और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में आईएमएस इंस्टीट्यूट काकादेव, आरएस इंस्टीट्यूट, महिंद्रा इंस्टीट्यूट काकादेव व मालरोड के साथ ही अचीवर्स इंस्टीट्यूट समेत 85 कोचिंग संस्थानों के संचालक मौजूद रहे।