
संवाददाता
कानपुर। सेवानिवृत्त राजकीय कर्मचारियों और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों की लंबित पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कानपुर मंडल में 94वीं पेंशन अदालत का आयोजन जून के चौथे सप्ताह में किया जाएगा। यह जानकारी कानपुर मंडल के कोषागार एवं पेंशन विभाग के अपर निदेशक एवं संयोजक यज्ञेश सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त एवं मृत राजकीय सेवकों के पेंशन तथा अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पेंशन अदालत आयोजित होगी।
कानपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारी अथवा मृतक कर्मचारियों के आश्रित, जिनकी पेंशन, पारिवारिक पेंशन या अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से संबंधित समस्याएं लंबित हैं, वे निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन तीन प्रतियों में पंजीकृत डाक के माध्यम से अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, कलेक्ट्रेट कंपाउंड, कानपुर मंडल, कानपुर के पते पर भेज सकते हैं। आवेदन 17 जून 2026 तक हर हाल में प्राप्त हो जाना चाहिए। इसके बाद प्राप्त प्रकरणों पर पेंशन अदालत में विचार नहीं किया जाएगा।
आवेदकों को अपने आवेदन पत्र की एक प्रति उस कार्यालयाध्यक्ष अथवा विभागाध्यक्ष को भी उपलब्ध करानी होगी, जहां वे सेवानिवृत्ति से पूर्व अंतिम बार कार्यरत थे। केवल राजकीय कर्मचारियों से संबंधित मामलों पर ही सुनवाई होगी।
पेंशन अदालत में उन प्रकरणों को शामिल नहीं किया जाएगा जो पहले से न्यायालय या शासन स्तर पर निर्णीत हो चुके हैं, न्यायालय में विचाराधीन हैं अथवा नीतिगत प्रकृति के हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र में आवेदक का नाम, पदनाम, पिता या पति का नाम, संबंधित कार्यालय एवं विभागाध्यक्ष का विवरण, जन्मतिथि, सेवा में प्रवेश की तिथि, सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की तिथि, पेंशन स्वीकृति या पुनरीक्षण के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र का विवरण, पेंशन स्वीकर्ता अधिकारी की आपत्तियां और उनके जवाब, अपेक्षित राहत, पूरा पत्राचार पता, पिन कोड सहित संबंधित कोषागार का नाम दर्ज करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा आवेदक को यह घोषणा भी देनी होगी कि उसका मामला न तो नीतिगत है और न ही किसी न्यायालय में विचाराधीन है। यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो शपथ पत्र के साथ यह स्पष्ट करना होगा कि वह न्यायालय के बाहर समझौते और वाद वापसी के लिए सहमत है। आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर और दिनांक अंकित करना भी अनिवार्य होगा।






