March 12, 2026

संवाददाता

कानपुर। शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन, जिसे महाअष्टमी के रूप में मनाया जाता है, नगर में मां महागौरी की आराधना की गई। 

कानपुर के प्रमुख मंदिरों बिरहाना रोड के तपेश्वरी, किदवई नगर के जंगली देवी और बाराह देवी, बंगाली मोहाल के काली देवी, आशा देवी, बुद्धा देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु मां के दर्शन कर भक्ति में लीन दिखाई दिए।  

मंगलवार की सुबह मंदिरों के कपाट खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए । आरती के समय  परिसर भक्तिमय हो गया । मंदिरों में नवरात्रि के दौरान विशेष आरती का आयोजन किया गया था जिसमें शामिल होकर सभी श्रद्धालुओं ने माता से अपने परिवार की मंगल कामना की और आशीर्वाद मांगा। 

नवरात्रि के पहले दिन और अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने घर व देवी मंदिरों पर हवन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नौ दिन तक व्रत रखने वाले भक्त नवमी के हवन-पूजन की तैयारियों में लगे रहे। जय माता दी उद्घोष से दिन भर मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बजते रहे। घरों व मंदिरों में अष्टमी के हवन की सुगंध महकी, साथ ही नवमी की तैयारियां पूरी की गईं। देवी मंदिरों पर देर शाम तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। देवी भक्तों ने अष्टमी के दिन कन्या भोज कराया। अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने सौभाग्य, धन संपदा, सौंदर्य और स्त्री जनित गुणों की अधिष्ठात्री देवी महागौरी की आराधना की। भक्तों ने मां जगदंबा का जयकारा लगाते हुए मां के मनोहारी स्वरूप के दर्शन किए और श्रीफल तथा चुनरी मां को अर्पित की। 

तपेश्वरी देवी, बाराहदेवी मंदिर और जंगली देवी मंदिर में शहर के साथ ही आसपास जिलों के भक्त भी बड़ी संख्या में दर्शन को पहुंचे और अपने परिवार की सुख समद्धि की मंगला कामना की। मंगलवार की भोर पहर से ही लोग देवी पूजन की तैयारियों में जुट गए दिन चढ़ते चढ़ते मंदिरों में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रही । मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए महिला पुरुषों की अलग अलग लाइनें लगाई गई थीं। श्रद्धालुओं ने माता के मंदिर में पहुंच कर देवी महागौरी का विधिविधान से पूजन किया और साथ ही सुख शांति देने की प्रार्थना की, मंदिर देवी के जयकारों से गुंजायमान रहे।