
संवाददाता
कानपुर। गाजियाबाद में तैनात नगर की महिला दरोगा की सड़क हादसे में मौत हो गई। वे ड्यूटी करके बुलेट से अपने कमरे पर जा रही थीं। कार्ट चौक पर अचानक सामने कुत्ता आ गया, जिससे वह बैलेंस खो बैठीं। बाइक कुत्ते से टकरा गई और दरोगा सड़क पर गिर गईं। तभी पीछे से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनको हॉस्पिटल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने महिला दरोगा को मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। कानपुर की रहने वाली दरोगा के परिजन गाजियाबाद पहुंच गए हैं। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता ने बताया कि तीन दिन पहले ही बेटी से बात हुई थी। वह आईएएस की तैयारी कर रही थी। महिला दरोगा रिचा सचान कविनगर थाने की शास्त्रीनगर चौकी पर तैनात थीं। यहां उनकी पहली पोस्टिंग थी।
कानपुर नगर निवासी रिचा सचान पुत्री रामबाबू सचान 2023 में यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुई थीं। रिचा ने मेरठ पीटीएस में 13 मार्च 2023 से लेकर 16 मार्च 2024 तक सब इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग की। कविनगर थाने की शास्त्रीनगर चौकी पर उनकी पहली पोस्टिंग थी। वह यहां अकेले ही रह रही थीं। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी।
रिचा रात करीब 2 बजे ड्यूटी करके बुलेट से अपने आवास पर जा रही थीं। चौकी से 200 मीटर दूर कार्ट चौक पर अचानक कुत्ता सामने आ गया। टक्कर लगते ही रिचा सड़क पर गिर गईं। पीछे से आ रही कार ने उनको टक्कर मार दी। उनके सिर में गंभीर चोट लग गई।
आसपास के दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस रिचा को पास के सर्वोदय अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के समय बुलेट की स्पीड 50 पर थी। मीटर उसी स्पीड पर रुक गया। महिला दरोगा हादसे के समय हेलमेट लगाई हुई थीं। हेलमेट भी क्षतिग्रस्त हो गया।
रिचा थाना सजेती क्षेत्र के गांव असधना की रहने वाली थीं। रिचा सचान के पिता रामबाबू सचान किसान और मां गृहिणी हैं। रिचा की एक बहन और तीन भाई हैं। बड़े भाई कपिल सिचाई विभाग में जेई हैं। दूसरे नंबर के भाई विकास फतेहपुर में टीचर जबकि, तीसरा भाई विनय हरिद्वार में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। बड़ी बहन विभा की शादी हो चुकी है। रिचा की अगले साल शादी होनी थी।
महिला दरोगा का शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिचा कानपुर की रहने वाली थीं।अभी तक की जांच में सामने आया है कि सामने डॉग के आने पर हादसा हुआ है।
सब इंस्पेक्टर रिचा की मौत की सूचना पर उनके पिता रामबाबू सचान और परिवार के अन्य सदस्य गाजियाबाद पहुंचे। बेटी की मौत के बाद पिता रामबाबू आंखें नम थीं। भावुक होकर बोले- 3 बेटे व 2 बेटियों में रिचा सबसे छोटी थी। वह आईएएस की तैयारी कर रही थी। इसी बीच साल 2023 में यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर में नौकरी लगी थी।
पीटीएस मेरठ में बेटी की ट्रेनिंग चली तो परिवार के लोग मिलने जाते थे। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, रिचा से शादी के बारे में बोला तो उसने कहा कि पापा अभी शादी का समय है। आप अगले साल सोचना। रात में 9:00 बजे रिचा मुझे और अपनी मम्मी को कॉल कर लेती थी। उसकी शास्त्रीनगर चौकी पर तैनाती थी। अभी तीन दिन पहले ही उससे फोन पर बात हुई थी।
रिचा की बुआ की बेटी सरला ने बताया- रिचा का दिसंबर महीने में एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसका पैर टूट गया था इसके बाद उनसे फोन से बात हुई थी। रिचा ने कुछ दिनों में सही होने की बात भी कही थी। हालांकि पैर में चोट आई थी कुछ महीने बाद वह पूरी तरह से ठीक हो गई थी।
चोट लगने के बावजूद भी वह नौकरी करती रही। उसने छुट्टी के लिए कई बार प्रयास किया, पर छुट्टी नहीं मिल सकी। जिसके चलते दिसंबर माह में उसके भाई की शादी में वह शामिल नहीं हो सकी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों के कारण रेबीज से होने वाली मौतों की घटनाओं पर सोमवार को खुद नोटिस लिया। कोर्ट ने इसे बेहद चिंताजनक और डराने वाला बताया। इस संबंध में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि रिपोर्ट के तथ्य बेहद परेशान करने वाले हैं।
कोर्ट ने कहा कि हर दिन दिल्ली और आसपास इलाकों में कुत्तों के काटने के सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में सबसे ज्यादा आ रहे हैं। कई मामलों में रेबीज फैल रहा है। बेंच ने रिपोर्ट को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि यह रिपोर्ट सीजेआई के सामने उचित आदेशों के लिए रखी जाए।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को नोएडा में आवारा कुत्तों को खिलाने के लिए तय जगह की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी। इसमें सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। बेंच ने कहा था कि दोपहिया वाहन चालकों और सुबह टहलने वालों को कुत्तों के हमले का खतरा बना रहता है।






