May 6, 2026

—बाईपास से ही गुजर गई बसें।

संवाददाता

कानपुर। योगी सरकार की रक्षाबंधन पर घोषित निशुल्क बस सेवा बिल्हौर क्षेत्र के लिए महज एक छलावा साबित हुई। सरकार ने 8 अगस्त सुबह से 10 अगस्त रात तक महिलाओं और उनके एक सहयोगी के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी थी।
बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर जैसे क्षेत्रों में सुबह सात बजे से ही महिलाएं और अन्य यात्री सड़क किनारे बसों का इंतजार करते नजर आए। लेकिन बस चालकों और परिचालकों की मनमर्जी के कारण यह सुविधा पूरी तरह विफल रही।
बस चालक नगरों और कस्बों की भीड़-भाड़ में आने से बचकर हाइवे बाईपास से ही गुजरते रहे। बाहर से आने वाले यात्रियों को नगरों से बाहर ही उतार दिया गया। इससे यात्रियों को कस्बे में जाने के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
कुछ जानकार यात्री निशुल्क सेवा का लाभ उठाने के लिए सीधे बाईपास पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बहुत कम बसें ही नगरों और कस्बों से होकर गुजरीं। जो बसें आईं भी, उनके चालकों ने भीड़ देखकर रुकना उचित नहीं समझा।
इस स्थिति का फायदा उठाते हुए निजी वाहन चालकों ने यात्रियों से निर्धारित किराए से डेढ़ से दो गुना तक अधिक किराया वसूला। त्योहार का हवाला देकर वे खुलेआम मनमानी करते रहे।
इस प्रकार सरकार की ओर से महिलाओं के लिए दिया गया रक्षाबंधन का उपहार बिल्हौर क्षेत्र में बस कागजों तक ही सीमित रह गया।
वहीं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह मौजूद पुलिसकर्मी भी ऐसी किसी गतिविधि पर दूरी बनाए रहे। पुलिस प्रशासन ने भी निजी वाहन चालकों पर रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी। 

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