
कानपुर। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने बुधवार को नगर के परमट स्थित प्राचीनतम मन्दिरों में से एक बाबा आनन्देश्वर मन्दिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश वासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मन्दिर में पूजन के बाद पूर्व राष्ट्रपति ने मां गंगा के दर्शन भी किए और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना भी की। बुधवार की सुबह लगभग 10 बजे के आसपास परमट मन्दिर पहुंचे पूर्व राष्ट्र्पति रामनाथ कोविन्द ने सबसे पहले बाबा का जलाभिषेक किया इसके बाद उनका विशेष रूप से श्रृंगार किया। पूजन के बाद उन्होने बाबा की आरती भी पूरे विधि विधान से की। पूर्व राष्ट्रपति कोविन्द बाबा के मन्दिर में लगभग 40 मिनट तक रुक कर पूजन किया इसके बाद वह सर्किट हाउस रवाना हो गए। इस दौरान उन्होने कहा कि शहर के प्राचीनतम मंदिर आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने इसको न जाने कितने जन्मों का जो बड़ा पुण्य माना उन्होंने कहा कि बरसों के बाद बाबा का दर्शन कर जीवन अब सार्थक हो गया है ।ये स्थलीय उनके लिए पवित्र स्थलीय है। उन्होंने मन्दिर से जुडे अपने जीवन के वृतान्त का भी वर्णन किया उन्होंने कहा कि वह छात्र जीवन के दौरान जब तक कानपुर में रहे वह प्रायः प्रातः समय मन्दिर बाबा के दर्शन को आया करते थे। उन्होंने कहा कि वो दिन भी मैंने देखे है जो गंगा नदी स्वयं प्रभु आनन्देखश्वर धाम के चरणों को छूकर वापस जाती थी। उन्होंने कहा कि मैंने मांगा कुछ नहीं है सबके कल्याण की, पूरी मानवता के कल्याण के लिए, विशेषकर अपने देश की भारत माता के सभी सपूतों के क्योंकि सुख समृद्धि की कामना की और उनके कल्याण के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि यहां सभी सुखी रहे, सभी आनंदित हो, जैसा कि इस धाम का नाम है। वास्तव में यहाँ पर आकर के एक आनंद की अपार अनुभूति होती है। उनकी सुरक्षा के लिए आम भक्तों के लिए बैरीकेडिंग की गयी थी। सावन महीने की शिवरात्रि में मन्दिर प्रशासन की ओर से पूर्व राष्ट्रपति के लिए पूजा के लिए विशेष प्रबन्ध करवाए थे। पूर्व राष्ट्रपति के पूजन के समय उनके पारिवारिक मित्र और विधायक सुरेन्द्र मैथानी और महापौर प्रमिला पान्डेय, जीतू बाजपेयी आदि मुख्य रूप से साथ रहे जबकि पूर्व राष्ट्रपति को पूजन करवाने वालों में मन्दिर की ओर से प्रमोद तिवारी, महन्त अरूण भारती, विवेक पुरी, अजय सैनी उपस्थित रहे।






