March 3, 2026

संवाददाता
कानपुर।
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के ऑपरेशन दिव्य दृष्टि प्रोजेक्ट अपराध छोड़ चुके हिस्ट्रीशीटरों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
इसी के चलते महज चंद दिनों में ही कानपुर के 276 हिस्ट्रीशीटरों ने अपने पल-पल के मूवमेंट यानी लोकेशन की जानकारी के लिए अपनी मोबाइल की लोकेशन का एक्सेस पुलिस को सहमति पत्र से दिया है। अब उन्हें तय समय पर थाने में हाजिरी नहीं लगानी पड़ेगी।
पुलिस खुद ही उनकी मॉनीटिरिंग करती रहेगी और कभी भी वीडियो कॉल करके इसकी तस्दीक भी कर सकती है। इससे कि कोई हिस्ट्रीशीटर अपना मोबाइल दूसरी जगह छोड़कर पुलिस को गच्चा नहीं दे सकेगा।
कानपुर के कुल 52 थानों में 2500 हिस्ट्रीशीटर हैं। इतनी बड़ी संख्या में हिस्ट्रीशीटरों के होने के चलते एक-एक की निगरानी करना पुलिस के लिए कड़ी चुनौती होता है। इसे आसान बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने ऑपरेशन दिव्य दृष्टि लांच किया है।
इसके तहत हिस्ट्रीशीटर अपने मोबाइल की लोकेशन का एक्सेस पुलिस को दे देगा। पुलिस किसी भी हिस्ट्रीशीटर की लोकेशन के पल-पल की जानकारी कर सकेगी। इसके साथ ही कभी भी वीडियो कॉल करके उसके मोबाइल की लोकेशन और अपराधी के लोकेशन की जांच करेगी।
इससे हिस्ट्रीशीटर पर पुलिस सीधे निगरानी रख सकेगी। वहीं, दूसरी तरफ हिस्ट्रीशीटरों को भी बड़ी सहूलियत होगी कि उन्हें बार-बार थाने में हाजिरी या पुलिस उनके घर पर छापेमारी या सत्यापन के लिए बार-बार नहीं आएगी।
अभियान लांच होने के महज 4 दिन के भीतर ही 276 हिस्ट्रीशीटरों ने थाने पहुंचकर अपनी गूगल मैप की लोकेशन का एक्सेस पुलिस को देने के लिए फॉर्म भर दिया है। जितने हिस्ट्रीशीटर फॉर्म भर चुके हैं। इससे कहीं ज्यादा हिस्ट्रीशीटर इस प्रक्रिया में आने के लिए कतार में हैं। फर्स्ट फेज में पुलिस कमिश्नर का अभियान बेहद सफल रहा है। अपराध छोड़ चुके हिस्ट्रीशीटर इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें पुलिस को अपनी लोकेशन का एक्सेस देने में कोई गुरेज नहीं हो रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि फर्स्ट फेज में तो यह अभियान पूरी तरह से सफल होता दिख रहा है। भारी संख्या में हिस्ट्रीशीटर थाने पहुंचकर अपनी गूगल लोकेशन का एक्सेस पुलिस को देने के लिए आ रहे हैं। इससे पुलिस उनकी पल-पल की निगरानी कर सकेगी। इस अभियान को और बेहतर बनाने की दिशा में भी पुलिस की एक टेक्निकल टीम काम कर रही है।