
संवाददाता
कानपुर। एक होजरी व्यापारी की हत्या कर दी गई। यह वारदात रेस्टोरेंट संचालक के बेटे ने की। उसने अपने घर से 20 मीटर की दूरी पर स्थित धर्मशाला में इस घटना को अंजाम दिया। उसके बाद वह मौके से फरार हो गया। धर्मशाला की पहली मंजिल में किराए पर रहने वाली महिला आवाज सुनकर सीढ़ियों की ओर पहुंची तो दुकानदार खून से लथपथ पड़ा मिला।
इलाके में रहने वाले युवक ने मामले की जानकारी दुकानदार के बड़े भाई को दी। उसके बाद पहुंची पुलिस ने उसे उर्सला में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह मामला फीलखाना थाना क्षेत्र के सवई सिंह के हाते स्थित तीन मंजिला धर्मशाला का है।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन टाडा, एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, फीलखाना व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले, जिसमें आरोपी होजरी दुकानदार के साथ धर्मशाला की ओर जाता हुआ दिखा है।
एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी, होजरी दुकानदार को धर्मशाला की छत पर लेकर गया था। वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। वहां मारपीट के दौरान होजरी कारोबारी की मौत हो गई।
सिरकी मोहाल के रहने वाले विजय चौरसिया की क्राइस्ट चर्च मार्केट के चूड़ी मार्केट में होजरी की दुकान है। परिवार में मां मीरा देवी, पत्नी नेहा और दो बच्चे वैभव व अनवी हैं। वैभव शीलिंग हाउस स्कूल में कक्षा 2 व अनवी कैंट के सेंट मैरी स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा है। विजय के दो बड़े भाई अजीत व अजय हैं।
शिवाला खास बाजार में रहने वाले बड़े भाई अजय ने बताया कि, तीनों भाइयों की होजरी की अलग-अलग शॉप है। शुक्रवार को विजय दुकान पर था। तभी शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पास एक कॉल आई। इस पर विजय ने दुकान में काम करने वाली युवती शिखा से कुछ देर में आने की बात कहते हुए ग्राहक को हैंडल की बात कही।
रात करीब 8:30 बजे सवाई सिंह का हाता के पास स्थित तीन मंजिला धर्मशाला की पहली मंजिल में रहने वाली किराएदार रानी त्रिवेदी ने घर के पास रहने वाले युवक अन्नू को कॉल कर विजय की लाश मिलने की जानकारी दी। अन्नू ने विजय के बड़े भाई अजय को बताया। वह धर्मशाला पहुंचे तो विजय खून से लथपथ धर्मशाला की सीढ़ियों पर पड़ा हुआ था।
परिजन आनन-फानन में विजय को उर्सला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी एडीसीपी पूर्वी मौके पर पहुंचीं। धर्मशाला की पहली मंजिल में रानी त्रिवेदी, अलका शर्मा व बलराम पांडेय का परिवार किराए पर रहता है, जबकि जानकी कश्यप का परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता है।
पूछताछ के दौरान रानी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने ऑरेंज कलर की शर्ट पहने एक युवक को भागते हुए देखा था। वहीं परिजनों ने घटनास्थल से महज 20 मीटर की दूरी पर रहने वाले ज्वैलर्स व रेस्टोरेंट संचालक सोमनाथ गुप्ता के बेटे विशाल पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस विशाल के घर पहुंची, लेकिन वह फरार मिला। इसके बाद हाते में लगे फुटेज खंगाले गए, जिसमें एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि फुटेज में विशाल, दुकानदार विजय के साथ स्कूटी से धर्मशाला में जाते हुए कैद हो गया है। विजय के परिजनों की तहरीर पर विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एडीसीपी ने बताया कि होजरी दुकानदार की मौत प्रथम दृष्टया भारी वस्तु के प्रहार से हुई है। पोस्टमार्टम होने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
बड़े भाई अजय ने पुलिस को बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो विजय का मोबाइल फोन उन्हें मिला था। मोबाइल फोन खंगाला, जिसमें से कॉल हिस्ट्री गायब मिली। अजय ने पुलिस को बताया कि शाम 6:30 बजे तक की कॉल हिस्ट्री मोबाइल से डिलीट थी। पुलिस मृतक की कॉल हिस्ट्री रिकवर करने में जुटी है।
एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने में पता चला कि विशाल 6:32 पर विजय को स्कूटी में बिठाकर धर्मशाला की ओर जाते हुए कैद हुआ है। इसके बाद वह शाम 7 बजकर 20 मिनट पर विशाल धर्मशाला से अकेले निकल कर स्कूटी से जाता हुआ कैद हुआ है।
जांच में सामने आया कि आरोपी विशाल अय्याश किस्म का युवक है। वह शहर में चर्चित मादक पदार्थ तस्कर का खास गुर्गा बताया जा रहा है। विशाल गांजे और चरस लती था। इसके साथ ही मादक पदार्थ तस्कर के संपर्क में आने के बाद वह शहर में तस्करी भी करने लगा था।
सूत्रों के मुताबिक रेस्टोरेंट के सामने आर्टिफिशियल ज्वैलरी शॉप संचालक महिला विशाल की सरपरस्ती में मादक पदार्थों की ब्रिकी भी करती थी, जिसका विजय ने शुक्रवार सुबह विरोध भी किया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसी महिला को उठाया है।
एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि फीलथाना क्षेत्र से सूचना मिली थी कि विजय कुमार चौरसिया गंभीर हालत में पाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। प्रथम दृष्टया मर्डर का मामला लग रहा है।सीसीटीवी फुटेज खंगालने में पता चला कि आरोपी विशाल 6:32 पर विजय को स्कूटी में बिठाकर धर्मशाला की ओर जाते हुए कैद हुआ है। इसके बाद शाम 7 बजकर 20 मिनट पर विशाल धर्मशाला से अकेले निकल कर स्कूटी से जाता हुआ कैद हुआ है।






