July 2, 2026

ओपीडी और इमरजेंसी के मरीजों को कम कीमत पर मिलेंगी जेनेरिक दवाएं।

संवाददाता

कानपुर। हृदय रोग संस्थान में पिछले एक साल से बंद पड़ा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जुलाई के पहले सप्ताह में दोबारा शुरू हो जाएगा।  इस केंद्र से ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले हजारों मरीजों को कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं मिल सकेंगी।

पिछले एक साल से केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। संस्थान प्रशासन ने नई टेंडर प्रक्रिया में सुधार के बाद केंद्र शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। साथ ही ओपीडी के सभी कमरों के बाहर उपलब्ध दवाओं की सूची भी लगाई जाएगी।

कार्डियोलॉजी अस्पताल में पिछले एक साल से जन औषधि केंद्र बंद होने से मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सरकारी अस्पताल में सस्ती दवाएं नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर की निजी मेडिकल दुकानों से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदनी पड़ती थीं।

संस्थान के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जन औषधि केंद्र टेंडर सूची में जेके कैंसर संस्थान और कार्डियोलॉजी अस्पताल का नाम शामिल नहीं हो पाया था। इसी वजह से यहां जन औषधि केंद्र का संचालन बंद हो गया था।

हृदय रोग संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश वर्मा ने बताया कि नई टेंडर प्रक्रिया में संस्थान का नाम शामिल कर लिया गया है। उम्मीद है कि जुलाई के पहले सप्ताह में जन औषधि केंद्र शुरू कर दिया जाएगा। इससे खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को सस्ती दवाओं का लाभ मिलेगा।

मरीजों को आसानी से जेनेरिक दवाएं मिल सकें, इसके लिए ओपीडी के सभी डॉक्टरों के कमरों के बाहर जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाओं की सूची लगाई जाएगी। इससे मरीजों को यह जानकारी रहेगी कि कौन-सी दवाएं केंद्र पर उपलब्ध हैं। डॉक्टर भी उसी के अनुसार जेनेरिक दवाएं लिख सकेंगे, जिससे मरीजों को दवा के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।