May 13, 2026

पक्षियों को रसीले फलों की मात्रा बढ़ाई गई।




संवाददाता
कानपुर।   इंसानों की खुराक के साथ ही गर्मी में जानवरों की खुराक पर भी असर पड़ा है। कानपुर जू में मांसाहारी जीवों की डाइट को घटा दिया गया है। वहीं पक्षियों को रस वाले फलों की मात्रा बढ़ा दी गई है।
भीषण गर्मी को देखते हुए वन्य जीवों ने आहार लेना कम कर दिया है, इस वजह से कानपुर चिड़ियाघर में जानवरों को दिया जाने वाला खाना कम कर दिया गया है।
मांसाहारी जानवरों को खाने के लिए मुर्गा देना बंद कर दिया गया है। गर्मी की वजह से जानवर आधी खुराक बाड़े में ही छोड़ दे रहे हैं।
मकाऊ को ताजे संतरे, मुसम्मी और तरबूज खिलाया जा रहा है। शेर, बाघ और तेंदुए को पानी में इलेक्ट्रोलाइट दिया जा रहा है।
मांसाहारी जानवरों को कानपुर जू में मुर्गे का मांस देना बंद कर दिया गया है। भीषण गर्मी के कारण डाइट बदली गई है। शेर और टाइगर को पहले 10 किलो भैंस का मांस दिया जाता था, लेकिन अब इसे 7 किलो कर दिया गया है। इन्हें डाइट में एक किलो मुर्गा भी दिया जाता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
इसी तरह तेंदुए को पहले 4 किलो भैंस का मांस दिया जाता था, जिसे घटाकर अब ढाई किलो कर दिया गया है। जंगली कैट को आधा किलो मांस दिया जाता था, इसे घटाकर 250 ग्राम कर दिया गया है। लकड़बग्घे को 4 किलो मांस दिया जाता था, जिसे कम करके ढाई किलो कर दिया गया है।
जू के डॉ. नासिर ने बताया कि बढ़ती गर्मी में कई जानवर आधी खुराक ही ले रहे हैं। जानवरों को गर्मी में दिक्कत न हो, इसलिए उनकी डाइट कम की गई है।
शेर और टाइगर को पानी में रोजाना 100 ग्राम इलेक्ट्रोलाइट दिया जा रहा है। इसके साथ ही तेंदुए को 50 ग्राम इलेक्ट्रोलाइट पानी में दिया जा रहा है, जिससे उनमें ग्लूकोज की कमी न हो।
डॉ. नासिर ने बताया कि मगरमच्छ सर्दियों में कुछ नहीं खाता है, केवल गर्मियों में ही उसे डाइट दी जाती है। गर्मी में उसे सप्ताह में एक बार डेढ़ किलो मछली दी जाती है और अभी भी उसी तरह से खुराक दी जा रही है।
डा. नासिर ने बताया कि जू में मेल टाइगर बादल, मल्लू, बघीरा, करन और फीमेल में दुर्गा, सवित्री, मालती, लूना और व्हाइट फीमेल कवी की डाइट प्लान के साथ ही गर्मी में नियमित चेकअप भी किया जा रहा है।
साउथ अमेरिका और ब्राजील में पाए जाने वाले पक्षी मकाऊ को गर्मी के चलते मुसम्मी और संतरा दिया जा रहा है। इसके साथ ही तरबूज की मात्रा बढ़ा दी गई है। कानपुर चिड़ियाघर में 6 मकाऊ हैं और उनकी डाइट का भी खास ख्याल रखा जा रहा है।

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