
संवाददाता
कानपुर। बीजेपी के बागी पार्षदों को लेकर बीजेपी पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम सदन से निष्कासित पार्षदों के साथ अन्य बीजेपी के पार्षद कर रहे हैं। नवीन पंडित ने 75 बीजेपी पार्षदों का समर्थन सहित मांग की है कि इन 6 बागी पार्षदों पर संगठन कार्रवाई करे, अन्यथा 75 बीजेपी पार्षद इस्तीफा दे देंगे।
वार्ड 93 गोविंदनगर के पार्षद नवीन ने कहा कि इसको लेकर संगठन के पदाधिकारियों के पास लिखित रूप में मांग की गई है। भविष्य में लगातार संगठन के अन्य पदाधिकारियों, जिनमें क्षेत्रीय अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष तक शामिल हैं, से बात की जाएगी कि इस मामले को हल किया जाए। पार्टी की बदनामी करने का काम ये 6 बागी पार्षद कर रहे हैं।
पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने सदन की 4 कार्यवाहियों से निष्कासित बीजेपी पार्षद पवन गुप्ता और अंकित मौर्य पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब सदन की कार्यवाही होती थी, तो ये बीजेपी के पार्षद होने के बाद भी सदन में तरह-तरह के प्रदर्शन करते रहते थे। कभी खाली बाल्टी लेकर पहुंच जाते थे, तो कभी फटे कपड़े पहनकर पहुंच जाते थे।
नवीन ने कहा कि पार्षदों के कार्यकाल के 3 साल हो गए हैं। किसी भी पार्षद को कोई शिकायत नहीं है। सभी वार्डों में विकास के कार्य बराबरी से कराए गए हैं। लेकिन दो निष्कासित पार्षदों के साथ अन्य 4 बीजेपी के पार्षद लगातार कह रहे हैं कि उनके वार्ड में काम नहीं किया जा रहा है।
नवीन ने कहा बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। इसलिए पार्षद दल के नेता होने के नाते और पार्टी की छवि को बचाने के लिए 75 पार्षदों का समर्थन लेकर आज मीडिया के सामने आए हैं। संगठन के पदाधिकारियों को भी लिखित रूप से दिया जा रहा है कि या तो इन 2 बागी पार्षदों और 4 अन्य बीजेपी पार्षदों को पार्टी से हटा दिया जाए या फिर सभी समर्थन देने वाले 75 पार्षद इस्तीफा दे दें। इस पर संगठन जल्द फैसला करे, क्योंकि बागी पार्षद लगातार पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
नवीन पंडित ने कहा कि महापौर प्रमिला पांडेय विकास कार्यों के लिए दलगत राजनीति से हटकर शहर में विकास कराने का काम करती हैं। उन पर आरोप लगाने वाले पार्षद कुछ भी साबित नहीं कर सके हैं। जबकि निष्कासित पार्षदों पर पहले से मुकदमे भी दर्ज हैं।
नवीन पंडित ने कहा कि प्रभारी मंत्री को भी इस मामले की जानकारी दी गई है कि लगातार ये लोग फोटो खिंचवाने के चक्कर में हल्ला मचा रहे हैं। इनके ऊपर महापौर के विरोधी लोगों का हाथ है। तो मैं बताता हूं कि कानपुर बीजेपी में किसी भी तरह का कोई किसी का विरोधी नहीं है, लेकिन कोई उनमें से बताने को तैयार नहीं है।
नवीन ने कहा पार्षदों को कोई दिक्कत थी तो वे संगठन से शिकायत करते, लेकिन वे कभी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पास तो कभी मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने पहुंच जाते हैं। वे शीर्ष नेतृत्व के नेता हैं। आप जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष से कहते, वे हमको बुलाते और आपकी समस्या बताते। ये लोग क्षेत्रों में जाकर लोगों को परेशान करने का काम कर रहे हैं। इससे पार्टी की बदनामी हो रही है।
इनमें निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता और अंकित मौर्य के साथ बागी पार्षद विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, हरिस्वरूप तिवारी और आलोक पांडेय शामिल हैं। जबकि बागी पार्षदों के क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हुए हैं। कहीं भी किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं किया गया है।
नवीन ने कहा कि पार्टी से हमारी मांग है कि इन 6 लोगों के खिलाफ पार्टी कार्रवाई करे या फिर हम सभी 75 पार्षदों से इस्तीफा ले लिया जाए। बीजेपी के लिए हमेशा काम किया है, हमेशा करेंगे। इन लोगों की लिखित शिकायत पार्टी पदाधिकारियों से की गई है और फिर से दोबारा इसकी शुरुआत की जाएगी।






