June 30, 2026

— बोले – कार्यालय आकर बताते तो हल निकाल लिया जाता।

संवाददाता

कानपुर।  पिछले दिनों भाजपा के 6 बागी पार्षदों के खिलाफ 75 भाजपा पार्षदों ने प्रेसवार्ता करके उन्हें पार्टी से हटाए जाने की मांग की थी। अन्यथा उन्होंने खुद एक साथ इस्तीफा देने की बात कही थी। 

इस पर भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष ने कहा है कि इस तरह मीडिया के सामने इस्तीफे की बात कहना ठीक नहीं था। अगर कोई ऐसी बात थी, तो संगठन के पास जाना चाहिए था, मेयर के साथ बैठक करनी चाहिए थी। लेकिन यह तरीका सही नहीं था। 

इस पूरे मामले पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि 6 पार्षद हों या 75, सभी बीजेपी के पार्षद हैं। सभी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं, इसलिए ही पार्षद बने हैं। अगर कोई बात थी, आपस में कोई मनमुटाव था, तो कार्यालय आकर बताना चाहिए था। उसका हल निकाल लिया जाता।

ऐसे मामलों को संवाद से हल किया जाता है, न कि संवाददाताओं के बीच जाकर बताने से। अगर कोई बात संगठन को संवाददाता से पता चल रही है, तो यह ठीक बात नहीं है। हम सब परिवार के लोग हैं। कभी-कभी कोई बात हो जाती है, लेकिन परिवार में बड़े लोग भी हैं। अब सब लोग इसे हल कराने के लिए तत्पर हैं।

अब अगर अखबार और बाहरी लोगों से पता चले, यह ठीक नहीं है। इसके अलावा इस्तीफा संगठन को दिया जाता है, संवाददाताओं को नहीं। जो भी परेशानियां हैं, आपसी मतभेद हैं, कार्यालय आइए। बड़ी से बड़ी चीज का समाधान हो जाता है। बस पार्षदों के क्षेत्रों में कितना विकास हुआ, इसी को लेकर आपसी लड़ाई है। संगठन की लड़ाई बिल्कुल भी नहीं है।

मेरा तो कहना है कि जितनी जल्दी हो सके, कार्यालय आइए। बैठकर इसे हल कर लेते हैं। क्योंकि जब बात बढ़ती है, तो आरोप-प्रत्यारोप एक-दूसरे पर लगाए जाते हैं। अंत में इसका हल टेबल टॉक से ही निकलेगा। जो भी समस्या हो, पहले मुखिया को बताइए।

लेकिन यह अच्छी बात नहीं है कि इस तरह से बातों को सार्वजनिक किया जाए। उनकी मुखिया महापौर हैं। नगर निगम से जुड़ी जो भी समस्या है, वह उनके सामने रखें। संगठन की कोई समस्या है, तो कार्यालय आइए। आपका स्वागत है, बैठकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

इस मामले को अब काफी समय हो गया है। प्रभारी मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष के समक्ष भी बैठकर बातचीत हो चुकी है। मामला सभी के संज्ञान में है और जल्द ही इसका समाधान भी निकल आएगा।