• एआई से जुड़े रहेंगे बेड, डॉक्टर कहीं से भी देख सकेंगे लाइव।

संवाददाता
कानपुर। नगर और आसपास के जिलों के दिल के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। कानपुर शहर में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ‘डेडिकेटेड कार्डियक इमरजेंसी’ बनने जा रही है। इस पूरी बिल्डिंग में सिर्फ दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों का ही इलाज और ऑपरेशन होगा। यहाँ पर शुरुआती इलाज मुफ्त होगा। इस इमरजेंसी से कानपुर व आसपास के 18 जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
कार्डियोलॉजी संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि यह डेडिकेटेड कार्डियक इमरजेंसी अगले तीन महीने में बनकर तैयार हो जाएगी। इसे दो फेज में बनाया जा रहा है। इसका 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि इस इमरजेंसी में 1000 लोगों की क्षमता होगी। यह अब तक की प्रदेश की सबसे बड़ी कार्डियक इमरजेंसी होगी। इसमें 10 अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर और 6 कैथलैब होंगी, जो मरीजों के लिए सातों दिन और 24 घंटे चालू रहेंगी।
यह नई इमरजेंसी पूरी तरह से डिजिटल होगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। वार्ड के सभी बेड डॉक्टरों के मोबाइल और कंप्यूटर से सीधे जुड़े रहेंगे। इससे डॉक्टरों को अस्पताल में मौजूद न होने पर भी अपने मोबाइल पर ही मरीज की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और इकोकार्डियोग्राफी के आंकड़े मिल जाएंगे। इसके अलावा यहाँ 24 घंटे ट्रांस एसोफैगल इकोकार्डियोग्राफी और वैस्कुलर डापलर जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
अस्पताल में मरीजों की संख्या पर डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि वर्तमान में भी संस्थान की इमरजेंसी में रोजाना कम से कम 70 से 80 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, यह तो एक सामान्य रूटीन है, लेकिन जैसे ही मौसम बदलता है और ठंड आती है, तब हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या काफी बढ़ जाती है। नई इमरजेंसी शुरू होने से मरीजों को तुरंत बेड मिलेगा और मौजूदा सिस्टम पर दबाव काफी कम हो जाएगा।
डॉ.राकेश वर्मा ने साफ किया कि वर्तमान इमरजेंसी में भी सब ट्रोपोनिन टेस्ट, सीपीआर और दवाइयां बिल्कुल फ्री हैं। सरकार की ‘असाध्य रोग नियमावली’ के तहत यहां आने वाले हर मरीज का शुरुआती 24 घंटे का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है। टेनकटा प्लस इंजेक्शन जिसकी कीमत 40 हजार रुपये है, यहाँ फ्री में उपलब्ध होगा।






