May 1, 2026

संवाददाता
कानपुर।  स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली बिल की अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की कार्यकर्ताओं ने केस्को मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व सांसद सुभाषिनी अली के नेतृत्व में महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करती हुई एमडी ऑफिस तक पहुंचीं और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने शहर में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने पोस्टपेड मीटर फिर से लगाए जाने की मांग की। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में केस्को प्रबंधन को ज्ञापन भी सौंपा।
अब तक एक लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। समिति की महिलाओं ने केस्को एमडी से शिकायत करते हुए कहा कि मीटर की रीडिंग तेजी से बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग करी कि मीटर की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
केस्को एमडी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि यदि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
पूर्व सांसद और समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने कहा-जिस तरह से बिजली का निजीकरण किया जा रहा है, इसे नहीं होना चाहिए। चुनिंदा कंपनियों को लाभ देने के लिए निजीकरण करने का काम हो रहा है।  पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इससे केवल जनता पर भार बढ़ रहा है।
स्मार्ट मीटर जब से लगना शुरू हुआ, तब से इसका विरोध हुआ। तब जाकर इस पर रोक लगी और जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, लेकिन अब जो मीटर लग गए हैं, जनता उससे बहुत परेशान है।
केस्को एमडी ने आश्वासन दिया है कि कोई गड़बड़ी नहीं होगी। यह भी कहा कि जिन्हें परेशानी है, उनकी जांच कराएंगे। अगर बिल बढ़ा हुआ है तो उसका समाधान होगा।
शहर में बिजली कटौती हो रही है, इससे जनता परेशान हो चुकी है। इसलिए यहां समिति की महिलाओं ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा हमारी मांग है कि जो भी शहर में प्रीपेड मीटर लग गए हैं, उन्हें बदलकर पुराने पोस्टपेड मीटर लगाए जाएं। अगर उपभोक्ताओं से बिल ज्यादा लिया गया है तो उसकी राशि उन्हें वापस की जाए। घरेलू यूनिट बिजली में सरकार ऐसी व्यवस्था लागू करे, जिससे 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा सके। जो ये मीटर लगाए जा रहे हैं, इन कंपनियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
समिति की राज्य सचिव सीमा कटियार, जिलाध्यक्ष सुधा सिंह, जिला मंत्री नीलम तिवारी, उपाध्यक्ष मालती यादव और संयुक्त मंत्री आशा खालिद प्रदर्शन में शामिल रहीं।

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