April 22, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
  गैस की किल्लत की वजह से लाइन में लगे लोग 42 डिग्री तापमान की भयानक गर्मी में लोग बेहोश हो कर गिर रहे है। इसके बाद गुस्साए लोगों ने रोड को जाम कर दिया। लोगों का कहना है कि हम सुबह 4 बजे से लाइनों में खड़े हुए है। हम लोग महीनों से सिलेंडर के लिए जे के मंदिर के पास भगवतदास इंडेन गैस एजेंसी के चक्कर काट रहे है। लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा है। 
गैस लेने के लिए आई महिला लाइन में लगी थी, अचानक से बेहोश होकर सड़क पर गिर गई, जिसके बाद लोगों ने उसके मुंह पर पानी के छीटे मारे और पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
अपने परिवार के साथ गैस लेने के लिए के बच्ची भी पहुंची, जब गुड़िया धूप से परेशान हुई तो एक प्लास्टिक के टुकड़े से अपने आप को बचाती रही।
गैस के लिए आये गुस्साये लोगों ने सड़क को जाम कर दिया, जिससे राहगीरों को परेशानी होने लगी, एक बाइक सवार से नोकझोंक भी हो गई।
लाइन में लगे जीतू वर्मा ने बताया- हमको 2 महीने से गैस नहीं मिल रही है। हम परेशान हैं। ये लोग केवल गैस एजेंसी के चक्कर कटवा रहे है। यहां गैस नहीं कम से कम प्रशासन को पानी और छाया की व्यवस्था करनी चाहिए। यहां लोग धूप की वजह से बेहोश होकर जमीन में गिर रहे है। पास के एक गुरुद्वारे से पानी लाकर पिलाया है। हम लोग किराये के मकान में मसवानपुर में रहते है। मकान मालिक चूल्हा जलाने नहीं देता है। हमारी 600 रुपए रोज की दिहाड़ी छूट रही है। अब तो हमारे परिवार के बच्चे भूखे रह रहे है।
इसी तरह अभिषेक ने बताया- हमने 3 तारीख को पर्ची कटवाई उसके बाद 15 तारीख की डेट मिली, आज 21 तारीख हो रही है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला है। मैं 6 दिन से रोज आता- जाता हूं। आज यहां पर धूप की वजह से  लोग बेहोश हुए है। बेहोश हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती काराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है।
एक उपभोक्ता सुरेंद्र कुमार बाजपेयी ने बताया कि मैं जरौली फेस 2 से आया हूं। यहां लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है। हम लोग बहुत परेशान हैं। कल यहां पर केवल 100 सिलेंडर बांटे गए, उसके बाद  पूरी गाड़ी गायब हो गई। पता नहीं चला.. बचे हुए सिलेंडर कहां गए है। कल बताया गया था, आज यहां 2 गाड़ियां आएंगी लेकिन कोई भी गाड़ी नहीं आई है। यहां आज परेशानी की वजह से पब्लिक ने रोड जाम कर दिया था। उसके बाद पुलिस प्रशासन ने आकर रोड को खुलवा दिया है। यहां- प्रशासन ने आकर के कहा रास्ता खोल दीजिए। रास्ता जाम करने से कुछ नहीं होगा। यहां धूप की वजह से लोग बेहोश होकर गिर रहे है। उसके बाद उनको अस्पतालों में एडमिट कराया गया। जिनका इलाज चल रहा है। मैं यहां 4 दिनों से आ रहा हू, अपने 3200 रुपए का अभी तक नुकसान कर चुका हूं। लेकिन सिलेंडर नहीं मिला है।
लाइन में खड़ी शबीना बानो ने बताया कि हमको 18 तारीख को सिलेंडर देने के लिए पर्ची मिली है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। पिछले महीने भी मेरे साथ यही हुआ, इस बार भी यही हुआ। किराया खर्च करके रोज आते- जाते है। हम लोग पागल हैं क्या। हम एक महीने से लगातार चक्कर लगा रहे है। लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा है। ये लोग कोई भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है, केवल आज, कल, परसों करते रहते है। हम लोग यहां किराये पर रहते है, छोटे-छोटे घरों में रहते है। मकान मालिक चूल्हा नहीं जलाने देते। हम कहां से खाना खाए। अगर हम लोगों को सिलेंडर नहीं देना था। तो बुकिंग क्यों की। हम लोग गैस लेकर जाएंगे। हम लोग सुबह से शाम तक लाइन लगाए रहे। लेकिन गैस नहीं मिलती है।
इसी तरह शाबरीन बताती है, जब 18 तारीख का सिलेंडर बुकिंग की डेट दी थी। लेकिन सिलेंडर आज तक नहीं मिला है। मेरे छोटे- छोटे बच्चे है। हम लोग कहां तक व्यवस्था करेंगे। हम लोग लगातार दौड़ रहे है। हर जगह गाड़ी आ रही है, यहां गाड़ी क्यों नहीं आ रही है। हम लोगों ने जब अपनी समस्या बताई लेकिन गाड़ी नहीं आई।
कानपुर में बढ़ती हुई गैस किल्लत को लेकर जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार से बात करने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा और बात नहीं हो सकी। 

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